३० दिन पहले की थी कोरोना टेस्ट चालू कराने की घोषणा, मशीन आने में लगेंगे और 30 दिन -इटारसी और पिपरिया को मिलना थी मशीनें-स्वास्थ्य विभाग ने की थी मशीन देने की घोषणा
इटारसी। इटारसी के कोरोना हॉट स्पॉट सेंटर बनने के बाद होशंगाबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए दो मशीन देने की घोषणा की थी। यह मशीनें इटारसी के सिविल अस्पताल और पिपरिया के अस्पताल को दी जाना थीं। करीब एक माह का समय बीतने के बावजूद यह मशीनें अब तक दोनों ही अस्पतालों को नहीं मिली हैं। मशीनें नहीं होने से जिले में कोविड टेस्ट का काम अब तक चालू नहीं हो सका है यानी होशंगाबाद जिले में कोरोना संक्रमण की जांच की सुविधा शुरू होने में अभी 30 दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
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३० दिन पहले की थी घोषणा
करीब एक महीने पहले स्वास्थ्य विभाग ने होशंगाबाद जिले में इटारसी और पिपरिया के अस्पताल के लिए ट्रू नॉट मशीन की स्वीकृति दी थी। इटारसी के कोरोना हॉट स्पॉट बनने के बाद यहां इसकी आवश्यकता बताकर स्वीकृति दी गई थी मगर मशीन भेजने में इतना लंबा समय लगाया जा रहा है। होशंगाबाद जिला चिकित्सालय में सीबी नॉट मशीन है। यह मशीन भी टीबी जांच के काम आती है।
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क्या है ट्रू नॉट मशीन
ट्रू नॉट मशीन मूलत: टीबी की जांच करने के काम आती है। इस मशीन के सॉफ्टवेयर में मामूली बदलाव से यह मशीन कोरोना संक्रमण की जांच भी कर सकती है। मशीन में इतने छोटे से बदलाव को करने में लगाया जा रहा लंबा वक्त कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
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ठप पड़ा जांच का काम, नहीं हो रही सैंपलिंग
इटारसी में ३७ मामले कोरोना संक्रमण के निकल चुके हैं और अब होशंगाबाद में बैंक मैनेजर के संक्रमित निकलने के बाद कोरोना संक्रमण खतरा बना हुआ है बावजूद उसके प्रशासन इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। मशीनें नहीं होने से जांच का काम ठप पड़ा है और ना ही किसी तरह की सैंपलिंग हो रही है।
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एक नजर में जिले की स्थिति
इटारसी में कोरोना संक्रमण के केस-३७
कोरोना से मृत्यु-०३
कोरोना से रिकवर मरीज-३४
अब तक एकत्रित सेंपल-करीब ७३८
कुल प्राप्त जांच रिपोर्ट-७३७
निगेटिव रिपोर्ट मिली-६९४
रिजेक्टेड रिपोर्ट-१०
होम क्वारंटीन किए गए-४२९४६
अब तक हुई स्क्रीनिंग- 11३०७८
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इनका कहना है
अभी तक मशीन नहीं मिल पाई है। अभी कम से कम एक महीना मशीन आने में लग जाएगा। यह पूरी प्रकिया शासनस्तर से संचालित हो रही है।
डॉ एके शिवानी, अधीक्षक शासकीय अस्पताल इटारसी
ट्रू नॉट मशीन की सप्लाई वरिष्ठ कार्यालय स्तर से ही होना है। रहा सवाल सैंपलिंग नहीं होने का तो अब केवल सैंपलिंग उन्हीं लोगों की होगी जिनमें लक्षण दिखेंगे। ऐसा कुछ नहीं है कि कोरोना संक्रमण के मामले को स्वास्थ्य विभाग दबाना चाहता है। अगर ऐसा होगा तो वह हमारे लिए ही सिरदर्द साबित होगा।
डॉ सुधीर जैसानी, सीएमएचओ होशंगाबाद