- नरवाई जलाने से रोकने अधिकारियों ने पंचायतों को लिया गोदएक नोडल अधिकारी- एक सहायक नोडल अधिकारी एक पंचायत में करेगा निगरानी
इटारसी. रबी सीजन की फसल गेहूं कटने के बाद नरवाई को जलाने से रोकने के लिए प्रशासन मुस्तैद हो गया है। अब एक पंचायत को एक अधिकारी गोद लेगा और पूरे सीजन उस पंचायत क्षेत्र की निगरानी करेगा।
पूरे जिले के लिए ४२२ नोडल अधिकारी और ४२२ सहायक नोडल अधिकारी बनाए हैं। नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। यह अधिकारी नरवाई जलाने से रोकने के बाद लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसमें हर विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल पांजरा कला गांव में नरवाई की आग में ५ लोग जिंदा जल गए थे। बाद में इस आग की चपेट में आए ३ अन्य लोगों की जान भी गई थी। इसे देखते हुए इस बार प्रशासन कोई खतरा मोल लेना नहीं चाह रहा है और इसे रोकने के लिए सारी तैयारियां कर चुका है।
यह करना होगा अधिकारियों को
- नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी संबंधी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में कोटवार के द्वारा मुनादी कराकर ग्रामसभा, किसान चौपाल करके किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान और बचाव के उपाय बताएंगे।
- ग्राम पंचायत में चलने वाले कंबाइन हार्वेस्टर, स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम एसएमएस, भूसा मशीन का उपयोग फसलों की कटाई में अनिवार्य रूप से किया जाए इसकी निगरानी करेंगे।
- हार्वेस्टर में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप लगा हो इसके साथ ही ग्राम पंचायत में आग बुझाने से संंबंधित उपलब्ध संसाधन जैसे टैंकर, ट्रेक्टर, चलित पावर स्प्रेयर की जानकारी भी तैयार रखेंगे।
-ग्राम कोटवार, रक्षा समिति के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर आगजनी की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएंगे।
- नरवाई में आग न लगे इसका हर संभव प्रयास करेंगे।
- यदि किसी पंचायत क्षेत्र में नरवाई में आग लगाई जाती है तो समीक्षा करेंंगे और दंडात्मक कार्रवाई कराएंगे।