एएसडीएम, तहसीलदार समेत पुलिस प्रशासन तैनात।
इटारसी। महाशिवरात्रि पर मंगलवार को भूतभावन, महादेव को अपनी भक्ति से मनाने हजारों शिवभक्त तिलक सिंदूर पहुंच गए हैं। साढ़े 11 बजे के आसपास करीब ढाई हजार लोग तिलक सिंदूर मंदिर के आसपास थे। दर्शन के लिए करीबन 3 किमी लंबी कतारें लगी है। औसतन एक व्यक्ति को 02 से 03 घंटे में दर्शन मिल रहे हैं। मेला स्थल पर भी एसडीएम एमएस रघुवंशी की निगरानी में पुलिस और मंदिर समिति के वांलटियर्स ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी है।
सबसे पहले सुबह 5 बजे आदिवासियों के बड़ादेव, भगवान शिव को तिलक सिंदूर मंदिर के भूमका (आदिवासी पुजारी) ने शिव को सिंदूर चढ़ाया और अभिषेक किया। इसके बाद अन्य भक्तों को दर्शन, पूजन का सौभाग्य मिला। सतपड़ा पर्वत श्रंखलाओं में गुफा मंदिर में स्थित शिवलिंग के यहां पिछले कई वर्षों से केवल दर्शन हो रहे हैं। पिछले दो साल से कोरोना की वजह से यहां आम लोगों के लिए दर्शन प्रतिबधित था। इस बार दर्शन खोल दिया गया है।
सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में बुलाई पुलिस और होमगार्ड
तिलक सिंदूर मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी गई है। इटारसी, पथरोटा, केसला, तवानगर, रामपुर के अलावा जिला मुख्यालय से भी पुलिस बल और होमगार्ड के सैनिकों की तिलक सिंदूर में ड्यूटी लगी है। मेले में एसडीएम एमएस रघुवंशी के निर्देशन में व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी जा रही है।
रास्तों में बंट रहे महाप्रसादि
तिलक सिंदूर जाने वाले भक्तों को फलाहार के लिए रास्ते में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर फलाहारी प्रसाद वितरण, भंडारा आदि चलने लगे हैं, जहां साबूदाना खिचड़ी, पेयजल, छांछ आदि की व्यवस्था की गई है, भक्त रुककर प्रसाद ले रहे हैं।
रास्ता संकरा होने से लगता घंटो जाम
ग्राम जमानी से तिलक सिंदूर के बीच का रास्ता अत्यंत संकरीली है। वर्षों से तिलक सिंदूर मेले वाले दिन हर वर्ष कई घंटों तक जाम लगता है, हालात इतने खराब हो जाते हैं कि प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं भक्तों की भीड़ के आगे बेवश हो जाती है। इस बार भी दोपहर के बाद जाम लगने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से व्यवस्थाएं संभाल रहा है।