
इटारसी। स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में सेना का नकली जवान बनकर यात्रियों को लाखों रूपए का चूना लगाने वाले आरोपी की रिमांड अवधि खत्म होने पर उसे शुक्रवार को कोर्ट पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 6 दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड में आरोपी सुनील दुबे ने ट्रेनों में एक लूट और एक चोरी की वारदात को और कबूला है। जीआरपी ने इन दोनों वारदातों का करीब 1 लाख रुपए का माल बरामद कर लिया है। आरोपी सुनील दुबे से अब तक 6 मामलों में 7 लाख रूपए का माल बरामद करने में जीआरपी को सफलता मिल चुकी है।
कद काठी का उठाता लाभ
जीआरपी के अनुसार मिर्जापुर उत्तरप्रदेश निवासी आरोपी सुनील पिता श्यामनाथ दुबे ने ठगी करने के लिए अनूठा रास्ता अपनाया था। उसने ठगी के लिए आम यात्रियों की जगहद आर्मी जवानों पर फोकस किया। चूंकि उसके गठीले बदन से वह सिविल डे्रस में भी आर्मी जवान की तरह दिखता था तो उसने इसी लुक को ठगी करने का हथियार बनाने की योजना बनाई। सैनिक की कद काठी और स्टाइल अपनाकर सेना के जवानों को आसानी से अपनी लच्छेदार बातों में उलझाकर उनके एटीएम के माध्यम से रुपए ठगकर फरार हो जाता था। लंबे समय से वह इस गतिविधि में लिप्त था जिससे जीआरपी भी परेशान था।
मुखबिरी से आया हाथ
ट्रेनों में आर्मी जवानों के साथ ठगी करने के बाद वह गायब हो जाता था हालांकि उसकी यह चालाकी ज्यादा दिन नहीं चली। पिछले दिनों वह इटारसी जंक्शन पर फिर नए आर्मी जवान की तलाश में घूम रहा था उसी दौरान जीआरपी के एक मुखबिर को उसकी गतिविधि पर संदेह हुआ तो उसने जीआरपी को इसकी सूचना दी। जीआरपी ने उसे स्टेशन पर घेराबंदी कर पकड़ा तो उसके पास से कपड़ों में छिपा हुआ एक चाकू भी बरामद हुआ। पूछताछ के बाद चार मामलों में उससे 6 लाख की रिकवरी की थी। जीआरपी ने और वारदातों की पूछताछ के लिए उसे 6 दिन की रिमांड लिया था तो उसने 2 अन्य वारदातें कबूलीं। इन वारदातो का करीब एक लाख रुपए का माल बरामद किया गया है।
जेल भेज दिया है
पकड़ा गया युवक केवल आर्मी जवानों से ठगी करने का काम करता था। वह बहुत शातिराना तरीके से ठगी करता था। उससे रिमांड में 2 और वारदातें सामने आई हैं जिनका माल बरामद हो गया है।
बीएस चौहान, थाना प्रभारी जीआरपी