न्यायालय ने पाया कि आदेशों के प्रति लगातार अवमाननापूर्ण आचरण किया जा रहा है, जिससे एक महिला न्यायालय के आदेश के बावजूद जीवन निर्वाहन भत्ता राशि प्राप्त नहीं कर पा रही है। इसलिए कलेक्टर नरसिंहपुर को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने हेतु रजिस्टर्ड डाक एवं उनकी प्रशासनिक ई-मेल पहचान पत्र पर नोटिस जारी करने का आदेश किया। मामले के अधिवक्ता चंद्रशेखर चौरे और पारस जैन ने बताया नोटिस में उल्लेख है कि यदि कलेक्टर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके विरुद्ध वारंट जारी किया जाएगा।