-मुंबई, दिल्ली सहित अन्य शहरों में भेजने की नहीं होगी झंझट
राहुल शरण, इटारसी। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन में काम करने वाले रेलकर्मी या उनके परिजनों को यदि हड्डी या लिगामेंट से जुड़े किसी मामले में ऑपरेशन की जरुरत पड़ती है तो उन्हें अब चिंता करने की जरुरत नहीं है। उन्हें अब मेट्रो सिटी में रेफर होने की झंझट नहीं होगी। अब जबलपुर जोन में ही उनका उपचार हो सकेगा। इस सुविधा के चालू होने से जोन के कोटा, बीना, इटारसी, भोपाल जैसे शहर जहां बड़ी संख्या में रेलकर्मी रहते हैं वे अब आसानी से इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
जबलपुर में करा सकेंगे ट्रीटमेंट
रेलवे ने जबलपुर जोन के रेलकर्मियों की सुविधा के लिए जबलपुर स्थित केंद्रीय चिकित्सालय में ऑर्थोस्कोपी यानी दूरबीन से हड्डी/लिगामेंट ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी है। इस अस्पताल में पिछले दिनों 16 साल के एक बच्चे की हड्डी टूटने के अलावा लिगामेंट भी डेमेज होने का केस आया था जिसमें उस बच्चे का ऑपरेशन नहीं होने पर विकलांग होने का खतरा था। इस ऑपरेशन को जबलपुर केंद्रीय चिकित्सालय में सफलतापूर्वक करने के बाद अन्य मरीजों के लिए इस सुविधा का रास्ता साफ हो गया।
इसलिए थे रेलकर्मी सुविधा से मोहताज
जबलपुर जोन का केंद्रीय चिकित्सालय मुख्यालय में है। इस लिहाज से यहां के रेलवे अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए रेलवे लगातार प्रयास कर रही थी। हड्डी रोगों से जुड़े मामलों में अब तक ट्रीटमेंट की सुविधा नहीं होने से यह समस्या रेलवे के जेहन में थी। अस्पताल में इस सुविधा के शुरू नहीं होने के दो प्रमुख कारणों में पहला रेगुलर ऑर्थोपेडिक सर्जन का नहीं होना और दूसरा ऑपरेशन के लिए संसाधन की कमी होना थे। दो माह पहले रेगुलर ऑर्थोपैडिक सर्जन डॉ सुयश शर्मा की ज्वाइनिंग के बाद इस ट्रीटमेंट के चालू करने का निर्णय लिया गया है।
मुंबई और दिल्ली की झंझट खत्म
जबलपुर जोन के मुख्यालय पर ही हड्डी/लिगामेंट ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने से अब रेलकर्मियों को मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में रेफर होने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। अभी जिस भी रेलकर्मी या उसके परिजन को ऑपरेशन की आवश्यकता होती थी तो उसे रेलवे अस्पताल में भर्ती होने के बाद मुंबई स्थित जगजीवन राम अस्पताल या दिल्ली के सफरदगंज अस्पताल में भर्ती होने के लिए रेफर होना पड़ता था। वहां ऑपरेशन के बाद रेलवे की तरफ से राशि का भुगतान किया जाता था।
एक नजर में जबलपुर जोन
जोन का नाम- जबलपुर
क्षेत्र विस्तार- पश्चिम मध्य रेल
स्थापना वर्ष- 1 अप्रैल 2003
मंडलों की संख्या- ०३
जोन की कुल लंबाई- 2911 किमी
कर्मचारियों की संख्या- करीब 60 हजार
किसने क्या कहा
हमारे पास ऑर्थोस्कोपी ऑपरेशन की पूरी सुविधा मौजूद है। यदि कोई मरीज केंद्रीय चिकित्सालय में आता है तो उसे यहीं पर अच्छा ट्रीटमेंट दिया जा सकेगा। हमने एक सोलह वर्ष के बालक का ऑपरेशन कर इसकी शुरूआत भी कर दी है।
डॉ सुयश शर्मा, ऑर्थोपेडिक सर्जन
जबलपुर जोन में हजारों रेलकर्मी हैं जिनके लिए यह सुविधा चालू हो गई है। जबलपुर जोन में इस सुविधा के शुरू होने से अब उन्हें मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में रेफर होने की समस्या नहीं रहेगी।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ जबलपुर