चेक बाउंस के मामले में २०१५ में हुई थी सजा
इटारसी. वेयर हाउस संचालक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इस मामले में शुक्रवार को पुलिस ने महेश मिहानी को गिरफ्तार किया और कोर्ट पेश किया। कोर्ट ने मिहानी को जेल भेज दिया है।
कोर्ट ने मिहानी को प्रतिकर की राशि जमा करने के निर्देश दिए थे। शाम तक जमा नहीं कर पाने के कारण अदालत ने महेश मिहानी को जेल भेज दिया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी स्वाति जायसवाल ने २२ फरवरी को गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। दरअसल महेश पिता किशनचंद मिहानी द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंदौर से लोन लिया गया था। जब लोन की राशि जमा नहीं की गई तो बैंक ने कोर्ट मामला दायर किया। बाद में समझौता के तहत मिहानी ने ६ चेक दिए थे जो बाउंस हो गए। दो अलग-अलग मामले में २१ जुलाई २०१५ को एक वर्ष की सजा हुई थी। दोनों में कुल राशि ५८ लाख रुपए के आसपास जमा की जानी थी।
कोर्ट को किया था गुमराह
मिहानी ने सजा होने के बाद भी राशि जमा नहीं की और बाद में उच्च न्यायालय में अपील की लेकिन अपील में जाने के बाद भी प्रतिकर की निर्धारित २० प्रतिशत राशि जमा नहीं की थी जिससे उच्च न्यायालय ने भी अपील खारिज कर दी थी। इस मामले में वारंट जारी हुए थे तब मिहानी ने कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह किया था कि इस मामले में न्यायालय से स्टे मिल गया है और वारंट केंसिल करा लिया था। कोर्ट को गुमराह किए गए मामले में कार्रवाई प्रस्तावित है।
महेश मिहानी के खिलाफ दो गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। इस मामले में गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद कोर्ट पेश किया जहां उसे जेल भेजा गया है।
आरएस चौहान, टीआई इटारसी