-माध्यमिक शिक्षा मंडल का फैसला
जबलपुर. सूबे के इन विद्यार्थियों को पुराने पैटर्न पर ही इम्तिहान देंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपना फैसला सुना दिया है। यह फैसला पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड बैठक में लिया गया जिसमें भी स्कूल प्राचार्यो ने परीक्षा के नए पैटर्न को लेकर आपत्ति जताई थी।
बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए हुए लॉकडाउन के चलते कक्षाएं प्रभावित हुईं। स्कूल बंद थे जिससे ऑफलाइन यानी परंपरागत तरीके से कक्षाएं नहीं चलीं। इस दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल वर्ष 2021 में होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्र को आनलाइन,साफ्ट कापी में प्रेषण, ब्लू प्रिंट एवं मूल्यांकन पद्यति से कराने का निर्णय किया था। लेकिन शिक्षाविदों ने इसे अव्यावहारिक करार दिया था। सरकार भी इसके पक्ष में नहीं थी। इस वजह से माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिनियम की धारा 9 ,4 एवं 5 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रदेश सरकार ने इस बदलाव को निरस्त कर दिया है। लिहाजा अब माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2020-21 की परीक्षा पूर्व वर्षो के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इसमें प्रश्न पत्र मुद्रण, ब्लू प्रिंट एवं मूल्यांकन पद्विति को पूर्व की भांति रखा गया है।
वैसे बीच सत्र में परीक्षा का पैटर्न बदलने से कई विद्यार्थी परेशान थे। शिक्षाविदों का मानना है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) का बीच सत्र में नया प्रयोग करना उचित नहीं है, इससे विद्यार्थी भ्रमित हो रहे हैं। पहले ही उनके पास अध्ययन करने के लिए कम वक्त मिला है ऐसे में पैटर्न बदलने से उनके नतीजे प्रभावित हो सकते हैं।