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फिर से बनेगी मेरिट लिस्ट! 13,089 ‘प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती’ पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित

MP Teacher Bharti Scam: बिना आवश्यक आरसीआई (RCI) सर्टिफिकेट के करीब 15 हजार उम्मीदवारों को बोनस अंक दे दिए गए, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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MP Teacher Bharti Scam

MP Teacher Bharti Scam (Photo Source: AI Image)

MP Teacher Bharti Scam: प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी और अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से फीसदी बोनस अंक दिए जाने के आरोप लगा है। बीते दिन इस मामले को लेकप मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बता दें कि मामले में आरोप है कि बिना आवश्यक आरसीआई (RCI) सर्टिफिकेट के करीब 15 हजार उम्मीदवारों को बोनस अंक दे दिए गए, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया कुल 13,089 पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिसके बाद जारी की गई मेरिट लिस्ट को अब अदालत में चुनौती दी गई है।

ये है पूरा मामला

नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया एवं अन्य दो उम्मीदवारों ने याचिका में कहा कि प्राइमरी स्कूल शिक्षक चयन परीक्षा 2025 भर्ती विज्ञापन के तहत केवल उन उम्मीदवारों को 5 फीसदी बोनस अंक मिलने थे, जिनके पास भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा है। चयन सूची में लगभग 14,964 उम्मीदवारों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक प्राप्त कर लिए हैं।

भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआइ) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया गया कि पूरे प्रदेश में आरसीआइ के पोर्टल पर केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। लगभग 15,000 उम्मीदवारों का विशेष शिक्षा प्रमाणपत्र धारक होना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होता है। याचिका में 27 फरवरी, 2026 को जारी दोषपूर्ण मेरिट लिस्ट को निरस्त करने की मांग की गई। केवल वैध आरसीआई प्रमाण-पत्र धारकों को ही बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची जारी करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया।

संचालनालय को संदेह

लोक शिक्षण संचालनालय ने भी जनवरी 2026 में विभाग को आगाह किया था कि लगभग 18,000 उम्मीदवारों ने हां का विकल्प चुना है, जो अत्यधिक प्रतीत होता है। सुधार के लिए पोर्टल खोलने के बाद भी मंडल के द्वारा उम्मीदवारों से आरसीआई की पंजीकरण संख्या या प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया। इसके चलते बड़ी संख्या में फर्जी बोनस वाले अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में आ गए। याचिका में 27 फरवरी 2026 को जारी मेरिट लिस्ट को रद्द करने की मांग की गई।

भर्ती प्रकिया पर उठे सवाल

इस पूरे विवाद नें शिक्षक भर्ती प्रकिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही सरकारी चय प्रणाली पर भी गंभीर सवार खड़े कर दिए गए हैं। हाइकोर्ट ने जो संकेत दिए हैं उससे लगता है कि मेरिट लिस्ट दोबारा से बनानी पडे़गी।