
Decomposed bodies of the deceased recovered from the Jabalpur tragedy
Jabalpur- मध्यप्रदेश के जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज हादसे में मृतकों के शव डी कंपोज हो गए। दो शवों की हालत बेहद खराब हो गई। उनमें से इतनी तीखी बदबू आने लगी कि फ्लाइट ऑपरेटर ने उड़ान भरने से ही इंकार कर दिया। राज्य सरकार ने आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज और उनके बेटे श्रीतमिल का शव तमिलनाडू भेजने की व्यवस्था की थी लेकिन तेज बदबू की वजह से फ्लाइट ऑपरेटर ने शवों को ले जाने से साफ मना कर दिया। जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी तुरंत जबलपुर एयरपोर्ट आए। शवों से आ रही बदबू दूर करने उनपर खूब स्प्रे छिड़का और कॉफिन की अच्छे से टेपिंग की गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने फ्लाइट ऑपरेटर को किसी तरह मनाया तब कहीं जाकर उसने उड़ान भरी।
एमपी टूरिज्म का क्रूज 30 अप्रैल को बरगी बांध में डूब गया था। हादसे में 28 पर्यटकों को तो किसी तरह बचा लिया गया था पर 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 8 महिलाएं और 4 बच्चे हैं। खराब मौसम के कारण क्रूज हादसे का शिकार हुआ। विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की कई लापरवाहियां भी सामने आईं।
आर्डनेंस फैक्ट्री के कामराज आर सहित परिवार के 3 लोगों की मौत
हादसे में आर्डनेंस फैक्ट्री के कामराज आर सहित परिवार के 3 लोगों की मौत हुई। उनकी पत्नी व 5 साल के बेटे श्रीतमिल की जान भी चली गई। कामराज मूलत: तमिलनाडू के त्रिचि के निवासी थे। ऐसे में सरकार ने उनका और बेटे का शव वहां भिजवाने के लिए चार्टेड प्लेन हायर किया।
सोमवार को जैसे ही विमान में पिता पुत्र के शव रखे गए, फ्लाइट ऑपरेटर ने उड़ान भरने से मना कर दिया। उसने कहा कि शव बुरी तरह खराब हो चुके हैं, इनमें से तेज बदबू आ रही है।
यह जानकारी मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन को जबलपुर एयरपोर्ट भेजा। दोनों अधिकारियों ने शवों पर खूब स्प्रे छिड़काया। इसके साथ ही कॉफिन में दोबारा अच्छे से टेपिंग की गई। इसके बाद ही फ्लाइट ऑपरेटर शवों के साथ त्रिची के लिए उड़ान भरने पर राजी हुआ। पिता पुत्र के शवों के साथ फ्लाइट जबलपुर एयरपोर्ट से करीब 9 बजे रवाना हुई।
Published on:
04 May 2026 05:57 pm
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