नमूने की परीक्षण रिपोर्ट का डाटा जाएगा दिल्ली, एनसीडीसी की रिपोर्ट से तय होगी हर्ड इम्युनिटी- मेडिकल कॉलेज में सर्वे टीम का प्रशिक्षण पूरा, अगले सप्ताह से जांच शुरु करने की तैयारी
जबलपुर. शहर में कोरोना संक्रमण के नए मामले कम होने के साथ ही सीरो सर्वे की तैयारियां अंतिम चरण में है। सर्वे के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने 40 टीम बनाई है। इन टीमों को सर्वे के तौर-तरीके एवं नियमों को लेकर शनिवार को प्रशिक्षण दिया गया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में पैरामेडिकल स्टाफ को रक्त के नमूने लेने से लेकर सुरक्षा मानकों के बारे में बताया गया। नमूने लेने के लिए जियो टैग के जरिए व्यक्ति के चयन की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण पूरा होने के साथ ही सर्वे की उल्टी की गिनती शुरु हो गई है। अगले सप्ताह से नगर निगम सीमा में रहने वाले व्यक्तियों के नमूने सीरो सर्वे के लिए जाने की तैयारी है।
एनएससीबीएमसी की निगरानी में कार्य-
कोरोना की पहली लहर में गम्भीर मरीजों के उपचार में अहम भूमिका के बाद अब सीरो सर्वे में भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर जिम्मेदारी होगी। सर्वे दल के प्रशिक्षण के साथ-साथ एनएससीबीएमसी ने सेम्पल-सर्वे कलेक्शन और एंटीबॉडी टेस्ट के लिए चिकित्सा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। मेडिकल कॉलेज की डॉ. शशि प्रभा तोमर को सेम्पल सर्वे कलेक् शन और माइक्राबायोलॉजी की प्रो. डॉ. रीति सेठ को नमूने परीक्षण के कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद रिपोर्ट कम्पाइल करने का काम कम्युनिटी मेडिसिन विभाग पर होगी।
रिपोर्ट एनालिसिस विशेषज्ञ करेंगे-
40 टीमें शहर के प्रत्येक वार्ड से जाकर सीरो सर्वे के लिए नमूने एकत्रित करेंगी। नमूने के जरिए मेडिकल कॉलेज की लैब में एंटीबॉडी टेस्ट होगा। एंटीबॉडी टेस्ट की रिपोर्ट के साथ नमूने कलेक् शन के समय मरीज और उसके क्षेत्र से संबंधित समस्त विवरण दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र-एनसीडीसी को भेजा जाएगा। एनसीडीसी के विशेषज्ञ रिपोर्ट एनालिसिस करके यह तय करेंगे कि शहर के लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी बनी है या नहीं? विशेषज्ञ जांच में कोरोना पॉजिटिव मिलने व्यक्तियों से संबंधित जानकारियों का अध्ययन करके संक्रमण के सम्भावित स्थानों का भी आंकलन करेंगे। ंएनसीडीसी देश में संचारी रोग की निगरानी और नियंत्रण को लेकर काम करने वाला केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग की शाखा है। यह राज्य सरकारों के साथ समन्वय करके बीमारियों के प्रकोप का मुकाबला करने रेफरल डायग्रोस्टिक सपोर्ट, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहायता प्रदात करता है।