पीने लायक भी नहीं बचा था नर्मदा जल, जानिए अब कैसा है

एमपीपीसीबी की रिपोर्ट में नर्मदा जल को मिला ए गे्रेड,  बढ़ गया था प्रदूषण, मिल चुका है सी ग्रेड 
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Dec 26, 2016
Narmada bath
Narmada bath
जबलपुर। नर्मदा भक्तों के लिए एक अच्छी खबर है। नर्मदा जल की गुणवत्ता से संबंधित ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रदूषण की मात्रा कुछ कम हुई है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल की मानें तो नर्मदा जल पूरी तरह पीने योग्य बन गया है। मंडल के जबलपुर क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले चैकिंग प्वाइंट्स के जल को संतोषजनक श्रेणी में रखा गया है।

मैली हो गई थी नर्मदा

बढ़ते प्रदूषण के कारण नर्मदा का जल बेहद गंदा हो गया था। कुछ जगहों पर जहां यह पीने योग्य ही नहीं बचा था तो कुछ जगहों पर नर्मदा जल नहाने योग्य तक नहीं बचा था। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की पुरानी जांच रिपोर्टों में नर्मदा जल बी और सी केटेगरी तक पहुंच गया था पर ताजा रिपोर्ट में नर्मदा जल को ए केटेगरी दी गई है। मंडल ने उन स्थानों पर विशेष तौर पर चैकिंग की थी जहां पिछले साल बी केटेगरी दी गई थी। इस साल इन सभी स्थानों पर नर्मदा जल को ए केटेगरी मिली है, यहां पानी पीने योग्य माना गया है।

ठीकठाक है क्वालिटी

मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के जबलपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आनेवाले सभी नर्मदा चैकिंग प्वाइंट्स पर नर्मदा जल की क्वालिटी की जांच की गई। सितंबर 2016 की रिपोर्ट के अनुसार इन सभी प्वाइंट्स पर नर्मदा जल को संतोषजनक श्रेणी में रखा गया है। जहां-जहां नर्मदा जल की जांच की गई उनमें जबलपुर के तिलवारा घाट, ललपुर, पंचवटी और सरस्वती घाट भी शामिल हैं। इनके अलावा नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट, मंडला के रोड ब्रिज और श्मशानघाट चैकिंग प्वाइंट्स पर नर्मदा जल की जांच की गई थी।
Published on:
26 Dec 2016 04:56 pm