Vehicle Factory Jabalpur : वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) के उन्नत सैन्य वाहनों का अहमदनगर में अंतिम परीक्षण किया जाएगा। लेह-लद्दाख और राजस्थान ट्रायल में सफल रहे एलपीटीए और स्टालियन के प्रोटोटाइप।
Advanced Military Vehicles :मध्य प्रदेश की वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) में निर्मित उन्नत सैन्य वाहन एलपीटीए और स्टालियन के दो प्रोटोटाइप का अंतिम परीक्षण महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (वीआरडीई) में किया जाएगा। डीआरडीओ की इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में परीक्षण सफल होने के बाद इन वाहनों को सेना को सौंपा जा सकता है।
इन वाहनों का पहले ही लेह-लद्दाख में माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तापमान में विंटर ट्रायल और राजस्थान के 48 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले रेगिस्तानी क्षेत्रों में समर ट्रायल किया जा चुका है। दोनों ही परीक्षणों में वाहन सफल रहे हैं।
वीएफजे ने अपने प्रमुख सैन्य वाहनों एलपीटीए और स्टालियन में सेना की मांग के अनुरूप कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सेना की ओर से हाल ही में इन वाहनों के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रोक्योरमेंट (आरएफपी) जारी की गई थी। इससे पहले ही फैक्ट्री में अपग्रेडेड वाहनों के दो प्रोटोटाइप तैयार कर लिए गए थे।
इन वाहनों का अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षण किया जा रहा है ताकि उनकी क्षमता और तकनीकी सुधारों की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। अपग्रेडेशन के बाद ये वाहन पहले की तुलना में अधिक उन्नत और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
सेना ने वीएफजे को कुल 1350 सैन्य वाहनों का ऑर्डर दिया है। इसमें 850 एलपीटीए और 600 स्टालियन वाहन शामिल हैं। इनका उत्पादन चालू वित्तीय वर्ष में किया जाना है। फैक्ट्री प्रबंधन अन्य सैन्य वाहनों के उत्पादन की तैयारियों में भी जुटा हुआ है।
वाहनों में दो प्रमुख तकनीकी बदलाव किए गए हैं। पहला, अत्यधिक ठंड में इंजन बंद न हो इसके लिए इंजन ऑयल को गर्म रखने के लिए विशेष हीटिंग अरेंजमेंट लगाया गया है। साथ ही ड्राइवर के केबिन में हीट एक्सचेंज सिस्टम लगाया गया है, जिससे ठंड में चालक को सुविधा मिल सके। दूसरी ओर गर्म क्षेत्रों के लिए एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इसके अलावा वाहनों में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), हिल असिस्ट फीचर और सामरिक जरूरतों के अनुरूप ड्राइवर के केबिन की हैच में भी बदलाव किए गए हैं।
वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (वीआरडीई) डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशालाओं में शामिल है। यहां वाहनों के इंजन, ऑटोमोटिव सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम, चेसिस और अन्य प्रमुख हिस्सों का परीक्षण किया जाता है।
अहमदनगर में होने वाले परीक्षण में वाहनों को पथरीले, कीचड़ युक्त और रेतीले ट्रैक पर चलाकर उनकी क्षमता परखी जाएगी। साथ ही विभिन्न परिस्थितियों में ब्रेक और इंजन प्रदर्शन का परीक्षण भी किया जाएगा।
इस संबंध में वीएफजे जनसंपर्क अधिकारी हर्ष भटनागर का कहना है कि, अपग्रेड सैन्य वाहन एलपीटीए और स्टालियन के दो प्रोटोटाइप का लेह-लद्दाख में विंटर ट्रायल और समर ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। दोनों परीक्षणों में वाहन निर्धारित मापदंडों पर खरे उतरे हैं। अब जून में डीआरडीओ के वीआरडीई में इनका अंतिम परीक्षण किया जाएगा।