
ट्विशा शर्मा के पति समर्त सिंह ने शुक्रवार को जबलपुर में सरेंडर कर दिया।
Samarth Singh Surrender: ट्विशा शर्मा केस में शुक्रवार शाम को बड़ा अपडेट सामने आया है। ट्विशा शर्मा केस में फरार चल रहे पति समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर किया, लेकिन जब वे जिला अदालत पहुंचे तो कोर्ट ने सरेंडर से इनकार कर दिया। समर्थ सिंह को कोर्ट ने भोपाल या संबंधित अदालत में ही सरेंडर करने को कहा। इसके तुरंत बाद ही जबलपुर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
जबलपुर जिला कोर्ट में शुक्रवार शाम को हलचल तेज हो गई थी। भोपाल से फरार चल रहे तीस हजार रुपए के इनामी समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर किया। समर्थ सिंह के वकील सौरभ सुंदर ने कोर्ट में पेश होकर कहा कि समर्थ सिंह यहां समर्पण करने आए हैं। वे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। हालांकि कोर्ट ने उन्हें इनकार करते हुए कहा कि संबंधित कोर्ट या भोपाल में ही सरेंडर करें। इसके बाद जबलपुर ने समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि पुलिस की कई टीमें समर्थ सिंह को तलाश कर रही थी, कई स्थानों पर छापेमारी भी की जा रही थी।
इससे पहले, ट्विशा के पति और आरोपी समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट पहुंचे। वह इस मामले में फरार चल रहे थे। कोर्ट में जब समर्थ सिंह सरेंडर करने के लिए पहुंचे तो मीडिया ने उनसे सवाल पूछे लेकिन वो बिना कोई जवाब दिए चले गए। कोर्ट के सरेंडर करने से इनकार करने के बाद जबलपुर पुलिस ने समर्थ को अपने कब्जे में ले लिया। अब उसे जल्द ही भोपाल लाया जाएगा।
पीड़ित पक्ष के का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि "ट्रायल कोर्ट भोपाल में है और जांच अधिकारी भी भोपाल में ही हैं, इसलिए उसे (ट्विशा के पति और आरोपी समर्थ सिंह को) उनके सामने सरेंडर कर देना चाहिए… अगर वह सरेंडर करना चाहता है, तो उसे ट्रायल कोर्ट में या फिर जांच अधिकारी के सामने ही करना चाहिए…"
समर्थ के एक वकील जयदीप कौरव ने जबलपुर में कहा था कि कोर्ट के सामने ट्विशा के मामले में चार केस एक साथ लगे हैं। एक सम्थ की अग्रिम जमानत का आवेदन था। दूसरा ट्विशा के पिता की तरफ से दोबारा पोस्टमार्टम के लिए था। दो बेल कैंसिलेशन की याचिका थी।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से ट्विशा शर्मा की मौत मामले में CBI जांच की अनुशंसा किए जाने पर ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह एक निष्पक्ष जांच की दिशा में पहला कदम है, जिसकी मांग हम लगातार कर रहे थे। हर्षित ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। उम्मीद है कि गृह मंत्रालय इसमें थोड़ा पहले ही शामिल हो जाएगा और जल्द से जल्द फैसला लिया जाएगा। यह एक छोटी जीत है, लड़ाई जारी है।
Updated on:
22 May 2026 07:10 pm
Published on:
22 May 2026 06:25 pm
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