
जबलपुर। कृषि विवि, जबलुपर के वैज्ञानिकों ने कमाल कर दिया है। उनकी मेहनत रंग लाई है। यहां विकसित की गई नई फसलों की प्रजातियों अब पंजाब, जम्मू-कश्मीर में भी लहलहाएंगी। विवि के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार चना, गेहूं, मक्का और अरंडी की नई प्रजातियों को केंद्रीय उपसमिति कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचना एवं विमोचन के लिए अनुमोदित कर दिया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के उपमहानिदेशक डॉं. टीआर. शर्मा की अध्यक्षता में हुई कृषि फसलों के फसल मानक, किस्मों की अधिसूचना एवं विमोचन सम्बंधी केंद्रीय उपसमिति की 85वीं राष्ट्रीय बैठक में यह अनुमोदन दिया गया। ये किस्में पंजाब महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर राज्यों के लिए उपयुक्त पाई गई हैं। कीट, व्याधि एवं रोगों से लडऩे में सक्षम हैं। इस उपलब्धि पर कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन एवं संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉं. पीके मिश्रा ने वैज्ञानिकों को बधाई दी। इन किस्मों में जेजीके 6 चना, जेडब्ल्यू 3465 गेहूं, जेएम 215 मक्का, जेसी 26 अरंडी शामिल हैं। कुलपनि का कहना है कि यह विवि लगातार शोध कार्य कराता रहता है। इसका फायदा क्षेत्र, प्रदेश के साथ पूरे देश को हो रहा है।