जबलपुर

IPL SATTA अरबाज खान जिस रैकेट में फंसे, उनकी वसूली का इस शहर में खुला राज

अरबाज खान जिस रैकेट में फंसे, उनकी वसूली का इस शहर में खुला राज  

2 min read
Jun 04, 2018
arbaaz khan

जबलपुर. शहर में आईपीएल के बाद सात दिनों में हुई लूट की 8 वारदातों नेे एक बार फिर आइपीएल क्रिकेट मैच के स्याह पन्ने की ओर इशारा किया है। पिछले तीन साल के आंकड़ों के अनुसार हर बार आइपीएल मैच के बाद लूट में मामले बढ़े हैं। जून में सबसे अधिक लूट के मामले सामने आए। पुलिस ने भी इन वारदातों में कहीं न कहीं आइपीएल क्रिकेट सट्टे को ही कारण माना है। अगस्त २०१७ में पुलिस के हत्थे चढ़े लुटेरों ने लूट की नौ वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया था। पूछताछ में क्रिकेट सट्टे में हार की रकम चुकता करने की वजह बताई थी।

about-

तीन साल के आंकड़ों और पुलिस के खुलासे से सामने आया तथ्य
हारने वाले सटोरिए बन जाते हैं लुटेरे, आइपीएल के बाद शहर में बढ़ जाता है लूट का ग्राफ!

शहर में लुटेरों ने शनिवार रात १० से १०.३० बजे के बीच पहले भंवरताल और फिर कछियाना चौराहे के पास दो महिलाओं को निशाना बनाया। लुटेरे एक महिला का पर्स और रिक्शे से रानीताल जा रही महिला की चेन छीनकर फरार हो गए। बाइक सवार तीन लुटेरों का एक राहगीर युवक ने बाइक से पीछा भी किया, लेकिन वे रानीताल, हनुमानमंदिर , गेट नम्बर -दो होते हुए यातायात थाना तिराहा से तीन पत्ती की तरफ भाग गए। तीनों की उम्र २० से २२ साल के बीच बताई गई है।

पुलिस कार्रवाई में खुलासा
क्राइम ब्रांच की टीम ने अगस्त २०१७ में बिना नम्बर की बाइक पर तफरीह कर रहे दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस की गिरफ्त में आए गोरखपुर निवासी आलोक श्रीवास, सर्वेंट क्वार्टर गोराबाजार निवासी राहुल बाल्मीक और एक नाबालिग ने महल में चार, लार्डगंज में तीन, गोरखपुर और केंट में एक-एक लूट का खुलासा किया था। लूट के बाद वे बैग को जला देते थे। दोनों ने आइपीएल क्रिकेट सट्टे में हारने और सट्टेबाज को बकाया पैसे देने के लिए लूट करना स्वीकार किया था। एसटीएफ निरीक्षक हरिओम दीक्षित और क्राइम ब्रांच के प्रभारी एएसपी संदीप मिश्रा ने बताया, इस बार पकड़े गए आईपीएल सट्टेबाजों से पूछताछ में पता चला है कि बड़ी संख्या में युवा सट्टा लगा रहे हैं।

पुलिस के लिए चुनौती
पिछले तीन वर्षों में आइपीएल क्रिकेट के बाद आत्महत्या का ग्राफ बढ़ा था। हालांकि आत्महत्याओं के कारण अलग-अलग थे। लेकिन, क्रिकेट सट्टे के चलते कर्ज में फंसकर आत्महत्या की बात पुलिस विवेचना में सामने आई है।

ये घटनाएं बढ़ जाती हैं
अपहरण कर मारपीट करना
चाकूबाजी
घर छोड़कर फरार हो जाना
चेक बाउंस के प्रकरण

आइपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पूर्व के वर्षों में आइपीएल मैच के बाद लूट के मामलों को देखते हुए मुखबिरों को सक्रिय किया जा रहा है। यदि कोई ब्याज या सट्टेबाज से परेशान है तो शिकायत करने पर पुलिस पूरी मदद करेगी।
- संदीप मिश्रा, एएसपी, क्राइम ब्रांच

ये मामले
संजीवनी नगर निवासी युवक ने सुसाइड नोट में आईपीएल सट्टे की रकम के लिए उधारी के चलते आत्महत्या की बात लिखी थी।
कृपाल चौक निवासी युवक ब्याज की रकम न चुका पाने के डर से दो दिन तिलवारा स्थित डक्ट में छिपा रहा।
अधारताल निवासी फैक्ट्री कर्मी के बेटे ने क्रिकेट सट्टे की उधारी चुकाने के लिए ब्याज पर पैसे लिए थे। रकम न चुका पाने और परेशान किए जाने पर उसने आत्महत्या कर ली थी।

Published on:
04 Jun 2018 12:03 pm
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