जबलपुर

इस दरिंदे को जल्द मिलेगी फांसी, अपराध सुनकर कांप जाएगी रूह

2 मार्च को फांसी पर लटकाया जाएगा दरिंदा

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balatkari ko fansi ki saza
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जबलपुर। मासूस बालिका का अपहरण करने वाले दरिंदे को फांसी पर लटकाया जाएगा। यह दरिंदा वही है जिसने सतना के उचेहरा क्षेत्र के गांव परसमनिया में एक अबोध बालिका का अपरहण किया और फिर उसके साक दरिंदगी की हदें पार कीं। महेन्द्र सिंह गोंड नामक इस दरिंदे को 2 मार्च को सुबह 5 बजे जबलपुर जेल में फांसी के फंदे पर चढ़ाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसका डेथ वारंट जारी हो गया है।

बालिका को किया अगवा
बताया गया है कि सतना, उचेहरा थाना क्षेत्र के ग्राम परसमनिया में 1 जुलाई 2018 की रात 4 साल की एक मासूम को अगवा कर दुष्कर्म करने के आरोप में महेन्द्र सिंह गोंड़ को गिरफ्तार किया गया था। यह दरिंदा बालिका को अपहृत करके झाडिय़ों में ले गया और उसके साथ दुष्कृत्य किया। बालिका रक्त रंजित हालत में पड़ी हुई मिली थी। पीडि़ता की हालत नाजुक होने पर घटना के दूसरे दिन ही तत्कालीन कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात कर पीडि़ता को यहां से एयरलिफ्ट कराते हुए नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया था।

ऐसे आया फैसला
उल्लेखनीय है कि परसमनिया रेप कांड में पुलिस ने विवेचना में तेजी दिखाई थी। वारदात के 81 दिन के अंदर पुलिस विवेचना हुई और कोर्ट का फैसला भी आ गया था। कोर्ट ने 47 दिन की सुनवाई के बाद फैसला सुना दिया था। नागौद स्थित अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश शर्मा की अदालत ने आरोप प्रमाणित पाए जाने पर महेन्द्र को 19 सितंबर 2018 फांसी की सजा सुनाई थी। एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज करते हुए 25 जनवरी को फांसी की सजा बरकरार रखी थी।

बरकरार रखी सजा
जेल अधीक्षक गोपाल ताम्रकार के अनुसार मध्य प्रदेश के सतना जिले में 4 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के अपराधी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय कारागार में 2 मार्च को सुबह 5 बजे फांसी दी जाएगी। इस मामले में निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा एमपी हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश शर्मा की अदालत ने दुष्कर्मी का डेथ वारंट जारी कर दिया है।

जब तक मौत न हो जाए
अदालत ने जबलपुर के केंद्रीय जेल अधीक्षक को भेजे डेथ वारंट में 27 वर्षीय दुष्कर्मी महेन्द्र सिंह गोंड़ पिता कोदूलाल उर्फ राजबहादुर सिंह निवासी पन्ना चौकी परसमनिया को फांसी पर तब तक लटकाए रखने के आदेश दिए हैं, जब तक कि उसकी मृत्यु न हो जाए। अदालत ने वारंट का निष्पादन करते हुए सूचित किए जाने के भी आदेश दिए हैं। फांसी को लेकर अब जेल में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

Published on:
04 Feb 2019 03:43 pm