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सोलर पैनल लगवाने वालों को राहत, एमपी में नहीं लगेगी ‘प्रोसेसिंग’ और ‘मीटर टेस्टिंग’ फीस

MP Electricity Regulatory Commission: अब मीटर टेस्टिंग के नाम पर वसूले जाने वाले तीन से पांच हजार रुपए तक के शुल्क को भी खत्म करने का प्रस्ताव रख गया है।

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Solar consumers: खत्म होगा मीटर टेस्टिंग शुल्क (Photo Source - Patrika)

Solar consumers: खत्म होगा मीटर टेस्टिंग शुल्क (Photo Source - Patrika)

Solar consumers: मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से आयोजित जनसुनवाई में ग्रिड इंटरैक्टिव रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन अधिनियम-2024 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा की गई। सुनवाई के दौरान सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिन पर विभिन्न पक्षों ने अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। आयोग के प्रस्ताव के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर संयंत्र स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं से ली जाने वाली एक हजार रुपये की प्रोसेसिंग फीस समाप्त की जाएगी।

इसके अलावा मीटर टेस्टिंग के नाम पर वसूले जाने वाले तीन से पांच हजार रुपए तक के शुल्क को भी खत्म करने का प्रस्ताव रख गया है। प्रस्तावित संशोधनों में यह भी शामिल है कि सोलर पैनल स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं को अब अलग से अनुबंध करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे सोलर संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया और अधिक सरल होने की उम्मीद है।

फिक्स चार्ज को बताया नियम विरुद्ध

जनसुनवाई के दौरान राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि सोलर उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट दो रुपए का फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है, जो नियमों के विपरीत और अवैध है। उन्होंने दावा किया कि देश में केवल मध्यप्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां ही यह शुल्क ले रही हैं। उन्होंने आयोग से इस शुल्क को तत्काल समाप्त करने की मांग की।

सरप्लस बिजली खरीद दर बढ़ाने की मांग

अग्रवाल ने सोलर उपभोक्ताओं की ओर से उत्पादित अतिरिक्त बिजली की खरीद दर बढ़ाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में 30 सितंबर को वार्षिक समायोजन के दौरान बची हुई अतिरिक्त बिजली को डिस्कॉम केवल 2.15 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदता है, जबकि उपभोक्ताओं को 8 से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी स्थिति में सरप्लस बिजली की खरीद दर बढ़ाकर कम से कम 4 रुपए प्रति यूनिट की जानी चाहिए। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

विचार के बाद होगा अंतिम निर्णय

जनसुनवाई में महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर नागदेव सहित तीन आपत्तिकर्ताओं ने भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां आयोग के समक्ष प्रस्तुत कीं। आयोग अब प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद संशोधनों को अंतिम रूप देकर अधिसूचित करेगा।