जबलपुर

खजुराहो मन्दिर के समीप निर्माण, विक्रय पर रोक

हाईकोर्ट ने दिया निर्देश, करोड़ों की शासकीय भूमि हेराफेरी जे निजी नाम पर करने का मामला

less than 1 minute read
Jan 07, 2021
सास-ससुर के तानों पर कोर्ट का बड़ा फैसला

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के जरिये विश्वप्रसिद्ध खजुराहो मन्दिर के समीप चिल्ड्रंस पार्क व पार्किंग के लिए आरक्षित शासकीय भूमि में निर्माण, उसके विक्रय या उसे खुर्दबुर्द करने पर रोक लगा दी।चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई 22 फरवरी तय की। कोर्ट ने तब तक विवादित भूमि के संबंध में यथास्थिति बरकरार बनाए रखने के निर्देश दिए। मामला हेराफेरी के जरिए करोड़ों की शासकीय भूमि निजी नाम पर करने का है।
क्रांतियुग समाज कल्याण समिति, खजुराहो की ओर से याचिका पेश कर वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर दुग्वेकर व अधिवक्ता समरेश कटारे ने कोर्ट को बताया कि राजस्व अधिकारियों की सांठगांठ से खजुराहो स्थिति मंदिरों के पश्चिमी समूह से सटी करोड़ों की शासकीय भूमि को निजी नाम मे नामांतरण कर दिया गया है। इस कूटरचना में शामिल पटवारी को सजा हो चुकी है। उसकी अपील तक खारिज हो गई। इसके बावजूद कूटरचना करके बेशकीमती भूमि जिनके नाम पर निजी की गई थी, वर्तमान में भूमि का स्वामित्व उन्हीं के पास है। यदि निजी भूमि को फिर से शासकीय में तब्दील नहीं किया गया तो बच्चों का पार्क व सार्वजनिक पार्किंग की जगह छिन जाएगी। तर्क दिया गया कि जिस जमीन का विवाद है, वह पूर्व में मध्य प्रदेश शासन के स्वामित्व की भूमि थी। लेकिन दस्तावेजों में छेड़छाड़ के जरिये वह निजी कर दी गई। राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा किया गया । मामले की जांच कराने का आग्रह किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने यथास्थिति के निर्देश देते हुए अनावेदकों से जवाब मांगा।

Published on:
07 Jan 2021 11:03 pm
Also Read
View All