फॉलोअप:-गोलू सहित समर्थकों का सर्विलांस की मदद से शुरू हुई तलाश, मोबाइल बंद होने से आ रही मुश्किल-कूड़ाकला गांव में फायरिंग, बलवा और हत्या के प्रयास का मामला
जबलपुर. बेलखेड़ा के कूड़ाकला गांव में 12 जून की रात फायरिंग, बलवा और हत्या की वारदात की शिकायत बरगी विधायक संजय यादव ने शुक्रवार को डीजीपी विवेक जौरी से की। दावा किया कि अनुराग सिंह उर्फ गोलू को भगाने में स्थानीय थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध रही है। ऐसे पुलिस कर्मियों के रहते गोलू की गिरफ्तारी सम्भव नहीं है। बलवा-फायरिंग के आरोपी गोलू सिंह सहित समर्थकों की तलाश सर्विलांस सेल ने भी शुरू कर दी है। उनके मोबाइल बंद आने से मुश्किल आ रही है।
जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के बेटे सहित 23 नामजद आरोपियों के घर व रिश्तेदारों के यहां पुलिस की लगातार दबिश से घबराए 10 आरोपियों के परिवारजन एसपी कार्यालय पहुंचे थे। उनकी तरफ से आवेदन देकर दावा किया कि गया है कि वारदात में उनके नाम गलत तरीके से शामिल किया गया है। शनिवार को पुलिस ने मामले में सुंदरादेही निवासी अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
एसडीएम की बड़ी लापरवाही भी आई सामने-
गोलू मामले में शहपुरा एसडीएम की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो गोलू के खिलाफ बेलखेड़ा पुलिस ने मार्च में 110 का फाइनल बाउंड एसडीएम कोर्ट में दाखिल किया है। इस पर आज तक नोटिस जारी नहीं हुआ। मौजूदा एसडीएम अनुराग तिवारी ने भी इसे गम्भीरता से नहीं लिया। इसकी सुनवाई कर एसडीएम ने बाउंडओवर की कार्रवाई की होती तो कूड़ाकला की वारदात टल सकती थी।
ये होती है 110 की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई-
एसडीएम कोर्ट आरोपी के अपराधों को देखते हुए उसे छह महीने से लेकर एक वर्ष तक हैसियत के अनुसार बांडओवर भराती है। इस अवधि में अपराध होने पर उसे शेष बचे समय के लिए जेल जाना पड़ता है या फिर उसे बाउंडओवर की धनराशि बतौर जुर्माना जमा करना पड़ता है। इसी के उल्लंघन पर 122 की कार्रवाई होती है। इसकी सुनवाई भी सेशन कोर्ट में होती है।
विधायक ने डीजीपी से ये की शिकायत-
पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के बेटे गोलू सिंह द्वारा अंजाम दी गई गोलीकांड की वारदात से पूरा क्षेत्र दहशत में है। गोलू आदतन अपराधी है और 16 प्रकरण दर्ज हैं। आरोप लगाया है कि पुलिस ने वारदात के दौरान गिरफ्तार करने की बजाय उसे भगाने में साथ देती रही। बताया कि एक महीने पहले 10 जून को भी प्रतिभा सिंह ने बिना अनुमति वाहन रैली निकाल कर धारा 144 का उल्लंघन किया था। तब भी कार्रवाई नहीं हुई। मांग की कि बेलखेड़ा थाने में निरूपा पांडे जैसी निष्पक्ष और दबंग पुलिस अधिकारी की जरूरत है।
ये थी वारदात
कूड़ाकला गांव में 12 जून की रात गोलू सिंह सहित उनके 60-70 समर्थकों ने रेत के वर्चस्व में छह लोगों पर फायरिंग, बलवा, हत्या के प्रयास व मारपीट की थी। इस मामले में गोलू सहित 23 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 294, 323, 307, 120 बी, 427, 188, 25, 27 आम्र्स एक्ट का प्रकरण दर्ज है।