जबलपुर

बड़ी खबर: नामांकन जमा कराने कलेक्ट्रेट पहुंचा भाजपा नेता गिरफ्तार, हैं गंभीर आरोप

पुलिस ने घेराबंदी करके पकड़ा, आठ महीने से था फरार
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BJP leader arrested at submitting election nomination
नामांकन जमा कराने पहुंचे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष गिरफ्तार

जबलपुर। एक आपराधिक मामले में पिछले करीब आठ महीने से फरार भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर अध्यक्ष हीरा शफीक को क्राइम ब्रांच और हनुमानताल की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट से गिरफ्तार कर लिया। वह भाजपा प्रत्याशियों के साथ नामांकन जुलूस में कलेक्ट्रेट पहुंचा था। नामांकन के बाद लौट रहे हीरा को पुलिस ने दबोच लिया और आनन-फानन में विशेष कोर्ट में पेश कर दिया। हीरा शफीक की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक कोर्ट पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बाहर ही सभी को रोक लिया।

पहले से तैयार था प्लान
जानकारी के अनुसार भाजपा से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अंचल सोनकर के साथ हीरा शफीक नामांकन जुलूस में शामिल होने कलेक्ट्रेट पहुंचा था। तभी क्राइम ब्रांच को इसकी खबर लगी। टीम ने हनुमानताल पुलिस के साथ कलेक्ट्रेट में उसे दबोचने का प्लान बनाया। जैसे ही हीरा शफीक नामांकन जमा करवाकर बाहर निकला। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे दबोच लिया और जब तक समर्थक कुछ समझ पाते उसे लेकर जिला कोर्ट में पहुंच गयी। राज खुला तो हर तरफ खलबली मच गई। भारी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता कोर्ट के बाहर तक पहुंच गए।

पुलिस के पैतरे नहीं समझ पाया शफीक
पुलिस ने शफीक को दबोचने और कोर्ट पहुंचाने का पूरा प्लान तैयार कर रखा था। समर्थक भी उसके नहीं समझ पाए। कोर्ट में पेश करने के बाद समर्थकों को भनक लगी तो वे वहां पहुंचने लगे। पुलिस ने समर्थकों को बाहर ही रोक दिया। इस दौरान माहौल काफी गहमागहमी भरा हो गया था।

आदमी को बनाया था मुर्गा
फरवरी 2018 में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष शफीक हीरा ने अपने पैसे वसूल करने के लिए साहब जी नाम के व्यक्ति को मुर्गा बनाकर प्रताडि़त किया। मुर्गा बनाने का पूरा वीडियो बनाया और सोशल साइट्स पर इसे वायरल कर दिया था। साहब की बेटी शगुफ्ता को कॉलेज में उसके साथियों ने ये वायरल वीडियो दिखाया। आहत शगुफ्ता ने घर लौटकर जहर खा लिया था। जिसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामला तूल पकडऩे पर हनुमानताल पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। विधानसभा में भी यह मामला उठा था। तब से शफीक फरार चल रहा था। 26 फरवरी को हीरा शफीक भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ ज्ञापन देने भी पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे नहीं गिरफ्तार किया था। आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस को मौका मिला।

Published on:
09 Nov 2018 07:47 pm