
Electric Vehicle Charging Station: बनेंगे इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन (Photo Source- magnific)
Jabalpur news:मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए 40 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। राज्य सरकार इसे केंद्र सरकार को भेजेगी। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद चिन्हित स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू होगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों की निजी चार्जिंग स्टेशनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
प्रस्ताव में शामिल 40 चार्जिंग स्टेशन शासकीय परिसरों में स्थापित करने की योजना है। सरकारी स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर शासन की गाइडलाइन के अनुसार सब्सिडी मिलने का प्रावधान है। यही वजह है कि नोडल एजेंसी नगर निगम मुख्यालय, संभागीय कार्यालय, कलेक्ट्रेट और आरटीओ सहित अन्य सरकारी परिसरों में स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। यदि किसी अन्य स्थान का चयन होता है तो वह सब्सिडी के दायरे से बाहर हो सकता है।
शासन से मंजूरी मिलने के बाद नोडल एजेंसी को पहले चरण में आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए सब्सिडी मिलेगी। इसके बाद चार्जर स्थापित करने के लिए अलग से निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चार्जर की स्थापना पर भी शासन की ओर से सब्सिडी मिलने का प्रावधान है। पूरी व्यवस्था सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने की योजना है।
एक अनुमान के अनुसार शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 15 हजार से अधिक हो चुकी है। इनमें ई-रिक्शा के साथ निजी इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं। वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण शहर में सार्वजनिक चार्जिंग ढांचे की जरूरत भी बढ़ रही है।
वाहनों की संख्या को देखते हुए चार्जिंग स्टेशनों की आवश्यकता महसूस हो रही है। इसी के चलते 40 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।- सचिन विश्वकर्मा, सीईओ
मध्य प्रदेश में इलेंक्ट्रिक वाहनों की संख्या तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग की व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही हैं। हालत ये हैं कि, राज्य में लगभग 1.99 लाख ईवी हैं, जबकि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन केवल 1146 के करीब ही हैं। खास बात ये है कि, चार्जिंग स्टेशन का पता लगाने के लिए न तो अबतक मोबाइल एप बन सका है और ना ही लाइव पोर्टल बना है। पॉलिसी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के तौर पर विकसित करने की बात कही थी, लेकिन यह भी नहीं हो पाया है। हालांकि माना जा रहा है कि बढ़ती गाड़ियों की संख्या को देखते हुए जल्द इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन बढ़ाए जाएंगे।
Updated on:
01 Sept 2026 02:39 pm
Published on:
01 Sept 2026 02:37 pm
