मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पदाधिकारियों ने तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए केन्द्र सरकार के प्रति जताया आभार
जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता ने तीन तलाक को लेकर विवादित बयान दिया है। प्रदेश में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े नेता एसके मुद्दीन ने कहा कि मनचाहा तलाक देने वालों पर 200 कोड़े बरसाए जाने चाहिए। इसके साथ ही मुद्दीन ने केंद्र सरकार द्वारा तलाक को लेकर लाए जा रहे बिल में और कड़े प्रावधान किए जाने की वकालत की है। उनका मानना है कि 200 कोड़े बरसाने के साथ ही मनचाहा तलाक देने वालों को 7 साल की सजा सख्त सजा दी जाना चाहिए। मुद्दीन के इस बयान के बाद तलाक के मामले को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
ये भी बोले अल्पसंख्यक नेता
भाजपा के अल्पसंख्यक नेता मुद्दीन गुरुवार को जबलपुर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। तलाक के मसले पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा नया कानून मुस्लिम महिलाओं को प्रताडऩा से बचाएगा। महिलाओं के हित एवं कल्याण के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे मुस्लिम महिलाओं को कानूनी संरक्षण मिलेगा। उन्हें नारकीय जीवन से मुक्ति मिलेगी।
महिलाओं का जीवन हो गया नरकीय
मुद्दीन ने कहा कि तीन तलाक से हजारों मुस्लिम महिलाओं का जीवन नारकीय हो गया है। उनके बच्चे यतीमों की तरह जिंदगी जी रहे हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का स्पष्ट मत है किसी भी सूरत में तलाक न हो। अगर मजबूरी में तलाक की नौबत आ भी जाती है तो मनचाहे तरीके से नहीं बल्कि नियमानुसार तलाक दिया जाए।
3 से बढ़ाकर 7 साल की जाए सजा
केन्द्र सरकार जो बिल ला रही है उससे मनचाहा तीन तलाक देने वालों को सजा का प्रावधान है। सजा के लिए तीन साल की अवधि बढ़ाकर सशक्त 7 साल की सजा देने व 200 कोड़े बरसाने का प्रावधान किया जाए।
अपराध की श्रेणी
मुद्दीन ने कहा कि पिछले साल 31 जनवरी को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने तीन तलाक का विरोध किया था। उसके बाद पूरे देश के अंदर ये बात एेसी गूंजी की सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया। रोजाना सुनवाई हुई। तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में माना गया। मुस्लिम महिलाओं के लिए कानून बनाए जाने के लिए मंच की ओर से प्रधानमंत्री, कानून मंत्री के प्रति आभार जताया गया। प्रेस वार्ता में एमए कुरैशी, शाहरूख मुद्दीन, हारून जावेद सौदागर, सैय्यद शौकत अली शामिल रहे।