राज्यमंत्री के क्षेत्र में करोड़ों की जमीन पर कब्जा, जिम्मेदारों की आंखें बंद
जबलपुर. माढ़ोताल की बेशकीमती जमीन की सुरक्षा पर उद्योग विभाग ध्यान नहीं दे रहा। 26 एकड़ से ज्यादा जमीन पर आधे से ज्यादा भाग पर अतिक्रमण हो चुका है। दमोह रोड गायत्री मंदिर के पीछे स्थित इस जमीन पर उद्योग विभाग की कई योजनाएं संचालित होनी हैं। जबलपुर-कटनी-सिंगरौली इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर योजना के तहत भी बड़ी अधोसंरचनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। अभी यह सारी योजनाएं ठंडे बस्ते में हैं। इसका फायदा आसपास के लोग उठा रहे हैं।
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माढ़ोताल भूमि की सुरक्षा पर उद्योग विभाग का ध्यान नहीं
कई प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं इस जमीन पर
बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण का मकडज़ाल
स्थिति यह है कि करीब 13 एकड़ से ज्यादा भूमि अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है। औद्योगिक प्रयोजन से इस भूमि को रिजर्व रखा गया है। फिर भी उद्योग विभाग बड़ी कार्ययोजना तैयार नहीं कर सका। राजस्व से यह भूमि उद्योग विभाग को स्थानांतरित हुए लम्बा समय हो चुका है। उसी समय से अतिक्रमण होने लगे थे। जिला प्रशासन और उद्योग विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की। ऐसे में जब कोई बड़ा प्रोजेक्ट हाथ में आया, तो जमीन की कमी से उसे ले पाना विभाग के लिए मुश्किल होगा।
बाउंड्रीवॉल का था प्रस्ताव-
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने इस जमीन की सुरक्षा को लेकर गैर-विवादित जगह के चारों तरफ बाउंड्रीवॉल बनाने का प्रस्ताव भेजा था। उस पर कोई निर्णय अब तक नहीं हो सका। केंद्र ने इस सम्बंध में उद्योग संचालनालय को पत्र भेजकर बजट स्वीकृत करने की मांग की थी।
इंक्यूवेशन सेंटर का निर्माण-
वर्तमान में इस जमीन के कुछ भाग पर उद्योगपतियों के लिए प्रदर्शनी हॉल (इंक्यूवेशन सेंटर) का निर्माण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को इसका जिम्मा दिया गया है। सेंटर के लिए उद्योग संचालनालय को 2.76 करोड़ रुपए भी आवंटित किए गए हैं। इस संस्थान में प्रशिक्षण के साथ ही उद्योपतियों के द्वारा बनाई जाने वाली वस्तुओं का प्रदर्शन किया जा सकेगा। यह शहर का दूसरा इंक्यूवेशन सेंटर होगा। इस तरह की संरचना सिविक सेंटर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित की गई है।
जमीन पर अतिक्रमण बढ़ रहे हैं। इसे अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पुन: जिला प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा। इसी तरह इंक्यूवेशन सेंटर का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
- आरसी कुरील, संयुक्त संचालक सम्भागीय उद्योग कार्यालय