
भोपाल/जबलपुर। शिवराज सरकार के तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जबलपुर से पाटन विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जबलपुर समेत महाकोशल के विधायकों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। इससे जबलपुर की राजनीति में हडक़ंप मच गया है। पार्टी से जुड़े नेताओं ने विश्नोई का समर्थन तो किया है, लेकिन पार्टी गाइड लाइन को देखते हुए खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं। वहीं विश्नोई पिछले एक साल से मुखर होकर सामने आ रहे हैं।
उपेक्षा से आहत, मंत्रिमंडल विस्तार पर पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने दिखाए तेवर
किए ट्वीट- विंध्य-महाकौशल सिर्फ फडफड़़ा सकते हैं...
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि महाकौशल और विंध्य अब फडफड़़ा सकते हैं, उड़ नहीं सकते। दो ट्वीट में लिखा कि ग्वालियर, चंबल, भोपाल, मालवा क्षेत्र का हर दूसरा भाजपा विधायक मंत्री है। सागर, शहडोल संभाग का हर तीसरा भाजपा विधायक मंत्री है। महाकौशल के 13 भाजपा विधायकों में से एक और रीवा संभाग में 18 भाजपा विधायकों में से एक को राज्य मंत्री बनने का सौभाग्य मिला है। महाकौशल और विंध्य को अब इससे ही खुश रहना होगा। खुशामद करते रहना होगा। विश्नोई ने यह पीड़ा मंत्रिमंडल विस्तार के दूसरे दिन जाहिर की। रविवार को सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट को मंत्री बनाया गया है।
विश्नोई थे दावेदार
विश्नोई मंत्री पद के दावेदार थे। इसे लेकर वे कुछ महीनों से तीखे तेवर अपना रहे थे। उपचुनाव के पूर्व भी उन्होंने कहा था कि महाकौशल को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए। उपचुनाव के बाद उम्मीद थी कि मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
ताई भी जता चुकी हैं नाराजगी
शनिवार को पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा था कि इंदौर से ज्यादा मंत्री बनना चाहिए। यदि नहीं बनते हैं तो इस पर रोष जाहिर करना चाहिए। उधर, करीब आधा दर्जन चेहरे मंत्रिमंडल विस्तार के बाद निराश हुए हैं। पूर्व मंत्रियों में रामपाल सिंह, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक सहित अन्य नेता शामिल हैं।