जबलपुर में दूसरे चरण के पहले दिन मात्र 23.24 फीसदी फ्रंटलाइन वर्कर ने लगवाई वैक्सीन
जबलपुर। कोरोना से युद्ध में आगे रहने वाले संक्रमण से बचाव का टीका लगवाने में पीछे रहे। सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों के बाद फ्रंट लाइन वर्कर को कोविड-19 वैक्सीन लगाने के लिए दूसरे चरण के टीकाकरण कार्यक्रम प्रारंभ किया। इसके लिए जबलपुर जिले में 18 टीकाकरण केन्द्र में 34 सेशन में कुल 4 हजार 760 फ्रंट लाइन वर्कर को टीका लगाने का लक्ष्य था। लेकिन, सुबह से शाम तक चले टीकाकरण में मात्र एक हजार 106 फ्रंटलाइन वर्कर ही टीका लगाने के लिए पहुंचे। ज्यादातर केन्द्र सुबह के समय खाली रही। दोपहर तक केन्द्रों में कुछ हितग्राही पहुंचे। पहले दिन लक्ष्य का 23.24 प्रतिशत कोरोना टीकाकरण ही हुआ। फ्रंट लाइन वर्कर में पुलिस, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग, रक्षा, केन्द्रीय, पंचायत राज और राजस्व विभाग के कर्मी शामिल हैं।
जिले में कोरोना टीकाकरण के दूसरे चरण में पहली बार कोवैक्सीन टीके का उपयोग किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में बनाए गए 34 टीकाकरण केन्द्र में 16 में कोवैक्सीन के टीके लगाए गए। इस टीके को लगाने वाले व्यक्ति से एक सहमति पत्र लेकर बाद में आने वाले मामूली लक्षणों की जानकारी दी गई। सोमवार को 398 फ्रंट लाइन वर्कर को कोवीशील्ड और 707 कर्मियों को कोवैक्सीन की पहली डोज दी गई है। इन्हें एक पखवाड़े बाद टीके की दूसरी डोज दी जाएगी। सोमवार को उज्जैन के कुछ पुलिस कर्मी जिनकी जबलपुर में ड्यूटी थी, उन्हें शहर में ऑफलाइन टीका लगवाने की विशेष सुविधा दी गई।
बाएं हाथ में भी लगा सकते हैं टीका
कोरोना टीकाकरण के पहले चरण स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे (दाएं) हाथ में ही टीका लगाया जा रहा था। लेकिन दूसरे चरण से हितग्राही को बाएं हाथ में भी टीका लगाया जा रहा है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शत्रुघन दाहिया के अनुसार पहले सीधे हाथ में ही टीका लगाने के निर्देश थे। टीका लगाने पर सुई चुभने वाले स्थान में कुछ लोगों को हल्का दर्द महसूस हुआ। ज्यादातर लोग सीधे हाथ से कामकाम करते है। उन्हें परेशानी ना हो इसलिए अब बाएं हाथ में टीका लगाने का विकल्प दिया गया है। हितग्राही स्वेच्छा और सुविधानुसार किसी भी हाथ में टीका लगवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूसरे चरण के वैक्सीनेशन की शुरुआत संबंधित विभाग के आलाधिकारियों को पहले टीका लगाकर करने की तैयारी की गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री की वीसी और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण कई अधिकारी टीका लगवाने नहीं आ सकें। लेकिन शाम को समय मिलते ही कलेक्टर कर्मवीर शर्मा विक्टोरिया जिला अस्पताल पहुंचे। कोरोना टीका की पहली डोज लगवाई। उन्होंने कोवीशील्ड का टीका लगवाया।