जबलपुर

चैत्र नवरात्र 13 से : इस मंदिर में अमेरिका, लंदन के भक्त लगाते हैं हाजिरी, दुश्मनों को नाश करती है ये देवी

चैत्र नवरात्र 13 से : इस मंदिर में अमेरिका, लंदन के भक्त लगाते हैं हाजिरी, दुश्मनों को नाश करती है ये देवी  

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Apr 07, 2021
maa tripur sundari

जबलपुर। मातारानी की उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्र का 13 अप्रैल से शुभारम्भ हो रहा है। इस दौरान नौ दिनों तक जगतजननी का दरबार भक्तिकी ज्योत से जगमगाएगा। इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है। देवी मंदिरों में नवरात्र पर सुबह से अखंड ज्योति कलश की स्थापना होगी। कई मंदिर ऐसे हैं, जहां सैकड़ों की संख्या में ज्योति कलश स्थापित किए जाते हैं। विदेशों से भी माता के भक्त ज्योति कलशों की स्थापना करवाते हैं। मंदिरों में जवारे भी बोए जाएंगे।

देवी मंदिरों में बोए जाएंगे जवारे
जगमग होंगे माता के दरबार, विदेशों से भक्त भी स्थापित कराएंगे ज्योति कलश

बगलामुखी सिद्घपीठ सिविक सेंटर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर तेवर, छोटी, बड़ी खेरमाई मंदिर, छोटी देवन सहित कई देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र के अवसर पर पर श्रद्घालु अखंड ज्योति कलश की स्थापना कराते हैं। बगलामुखी मंदिर के मीडिया प्रभारी मनोज सेन ने बताया कि मप्र के अलावा अन्य प्रदेशों और विदेशों से भी मातारानी के भक्तनवरात्र में यहां कलश स्थापना कराते हैं। मातारानी सभी श्रद्घालुओं की मनोकामना पूरी करती हैं। मंदिर की स्थापना वर्ष 2002 से यहां अखंड ज्योति कलश स्थापना की परम्परा चली आ रही है। पहले साल यहां 200 अखंड ज्योति कलश की स्थापना की गई थी, जो अब एक हजार के पार पहुंच गई है। शंकराचार्य मठ स्थित बगलामुखी मंदिर में अमेरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन, दुबई आदि के भक्तों के नाम ज्योति कलश स्थापित किए जाते हैं।

अमेरिका, लंदन के भक्त लेते हैं संकल्प
त्रिपुर सुंदरी मंदिर तेवर की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। इस मंदिर में ज्योति जलाने के लिए भक्त संकल्प लेते हैं। यहां तक कि विदेशी भक्तों ने यहां ज्योति जलाने का संकल्प लिया है। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार अमेरिका एवं लंदन के साथ अन्य स्थानों में रहने वाले अप्रवासी भारतीय भी नवरात्र में यहां आस्था की ज्योति जलाने का संकल्प लेते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां जो भी भक्त पूजा अर्चना करता है माता उसे दुश्मनों से बचाती है।

इन मंदिरों में स्थापित होंगे कलश
त्रिपुर सुंदरी मंदिर, तेवर, बड़ी खेरमाई मंदिर, भानतलैया, बूढ़ी खेरमाई मंदिर, चारखम्बा, काली मंदिर, सदर बगलामुखी सिद्धपीठ, सिविक सेंटर, छोटी देवन, दीक्षितपुरा, खेरमाई मंदिर, मानस भवन, शारदा मंदिर, मदन महल।

Published on:
07 Apr 2021 03:16 pm
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