chandrma ka rashi parivartan: चाँद के बारे में मज़ेदार तथ्य, chandrama चन्द्र ग्रह से होती कौन-सी बीमारी, चंद्रमा का जन्म कैसे हुआ था, जानें, चंद्रमा ग्रह को बेहतर करने के उपाय
जबलपुर।शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी्, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441, मु.मास: मुहर्रम तारीख 10, अयन : दक्षिणायन, ऋतु : वर्षा, मास : भाद्रपद, पक्ष : शुक्ल
तिथि - रात्रि 2.5 तक भद्रा तिथि द्वादशी उपरंात जया तिथि त्रयोदशी रहेगी। भद्रा एवं जया तिथि शुभ तथा मंगलकारी कार्य हेतु अत्यंत शुभ मानी जाती है। आज श्रवण द्वादशी का पावन दिवस होने के कारण भगवान श्री हरि नारायण की आराधना का विशेष पुन्य तथा फलकारी रहेगी। ब्यवसाय की उन्न्ति हेतु वामन भगवान की आराधना परम कल्याणकारी रहेगी।
योग- रात्रि 8.37 तक शोभन उपरंात अतिगंड योग रहेगा। शुभ कार्य हेतु शोभन योग को उत्तम माना जाता हे।
विशिष्ट योग- आज श्रवण द्वादशी, का शुभ संयोग तथा वामनन द्वादशी के शुभ अवसर पर सभी प्रकार शुभ कार्य शुभ रहेगे।
करण- सूर्योदय काल से वव उपरंात वालव तदनंंतर कौलव करण का प्रवेश होगा। करण गणना सामान्य है।
नक्षत्र- धु्रवसंज्ञक अधोमुख नक्षत्र उत्तराषाढ दोपहर 1.16 तक उपरंात श्रवण नक्षत्र रहेगा। उत्तराषाढ नक्षत्र मे देवस्थापन, श्रंगार, उपहार, सम्मान, ग्रहारंभ,, गृहप्र्रवेश, विवाह, ब्यापारंभ जैसे कार्य शुभ तथाा मंगलकारी माने जाते है। वही श्रवण नक्षत्र मे कारीगरी, शिल्प विद्या, औषधि सेवन, औषधि निर्माण जैसे कार्य शुभ तथा मंगलकारी माने जााते है।
शुभ मुहूर्त - ंआज सीमांत पुुंसवन, प्रसूति स् नान, आवेदन पत्र लेखन, रक्त वस्त्र प्रवाल धाारण, हल प्रवहण, सेवारंभ, कलारंभ, ब्यापारिक यात्रा से जुडे कार्य शुभ मंगलकारी रहेगे।
शुभ मुहूर्त- आज प्रात: 9.00 से 10.30 चर दोपहर 10.30 से 1.30 लाभ,अमृत तथाा रात्रि 7.30 से 9.00 लाभ की चौघडिया शुभ तथाा मंगलकारी मानी जाती हे।
व्रतोत्सव- आज : श्रवण द्वादशी, वामन द्वादशी का व्रत व्रतोत्सव पर्व रहेगा। भगवान विष्णु के वामनावतार का पूजन करना कल्याणकारी रहेगा।
चन्द्रमा : दिवस रात्रि पर्यत तक शनि प्रधान राशि मकर राशि मे संचरण करेगा।
ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के सिंह राशि मे गुरू वृश्चिक राशि मे तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि पर ििस्थत है सूर्य का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र मे संचरण रहेगा।
दिशाशूल: आज का दिशाशूल उत्तर दिशा मे रहता है इस दिशा की ब्यापारिक यात्रा को यथा संभव टालना हितकर है । चंद्रमा का वास दक्षिण दिशा मे है सन्मुख एवं दाहिना चंद्रमा शुभ माना जाता है । राहुकाल: दोपहर 3.00.00 वजे से 4.30.00 वजे तक। (शुभ कार्य के लिए वर्जित)्रा
आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज :आज जन्मे वालको का नामाक्षर भे,भो, जा,जी अक्षर से आरंभ कर सकते है। उत्तराषाढ नक्षत्र मे जन्मे वालको की राशि मकर होगी, राशि स्वामी शनि तथा रजतपाद पाया मे जन्म माना जायेगा मकर राशि के जातक प्राय: अनुसाशन मे दृढ निपुुण प्रिय,कार्यकुशल, संगठक, समाजसेवी, निपुण, कलाप्रेमी,, विचारशील, मननशील, स्वावलंवी, तथा विनोद प्रिय स्वभाव के होते हे। े