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जबलपुर त्रासदी: परिवार के 5 सदस्यों को निगल गया बांध, 10 और 12 साल के बच्चे ही बचे

Jabalpur Tragedy: लापता कामराज की भाभी सौभाग्यम अलागन, पत्नी काकुझाली के शव शनिवार को विमान से कोयम्बटूर भेजे

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Jabalpur Tragedy: Death toll in Bargi Dam cruise accident rises to 11

Jabalpur Tragedy: Death toll in Bargi Dam cruise accident rises to 11

Jabalpur Tragedy: बरगी बांध के बैकवॉटर में हुए क्रूज हादसे में मृतक संख्या बढ़ गई है। शनिवार शाम को बांध में दो और बच्चों के शव बरामद किए गए। इनमें कोतवाली निवासी विराज सोनी (6) और खमरिया निवासी तमिल (5) के शव शामिल हैं। दोनों बच्चों के शव घटनास्थल से लगभग 500 मीटर के दायरे में मिले। पानी में फूलने के कारण इन बच्चों के शव ऊपर आ गए थे। 2 बच्चों के शव मिलने के बाद क्रूज हादसे में मृतक संख्या बढ़कर 11 हो गई है। कामराज और उनका भतीजा मयूरम (9) अब भी लापता हैं। हादसे ने इस परिवार को ही सबसे ज्यादा दुख दिया है। कामराज के भरे पूरे परिवार के 7 लोगों में से केवल दो बच्चे ही बचे हैं।

पहले नौ शव:

गुरुवार को हुए हादसे के बाद रात में नीतू सोनी (43), तमिलनाडु की सौभाग्यम अलागन (42), दिल्ली की मधुर मैसी (62), जबलपुर की काकुलाझी (38) के शव मिले थे। इसके बाद शुक्रवार को जबलपुर की रेशमा सैय्यद (66), गंजबासौदा की शमीम फातिमा (65), जबलपुर की ज्योति श्रीवास (39), त्रिशान मैसी (4) और मरीन मैसी (36) के शव बरामद किए गए थे। इस प्रकार दो दिनों में 9 शव मिले थे।

मां और बेटे की मौत, पिता अब भी लापता

जबलपुर की आयुध निर्माणी में पदस्थ कामराज का परिवार इस हादसे में खत्म हो गया। वे मूलत: तमिलनाडु के त्रिची के रहनेवाले थे। कामराज जबलपुर आए सास-ससुर, छोटे भाई, साली और अन्य परिजनों व पत्नी तथा बच्चों के साथ घूमने गए थे। क्रूज डूबने से उनकी भाभी सौभाग्यम अलागन, पत्नी काकुझाली की मौत शुक्रवार को हो चुकी थी। उनके शव शनिवार को विमान से कोयम्बटूर भेजे गए। शनिवार को ही एक और बच्चे तमिल का शव मिला। कामराज और एक भतीजा मयूरम अभी भी लापता हैं।

परिवार में अब 10 साल के पूवीथरन और 12 साल की कजन ही बचे हैं। बेटे तमिल, काकुलाझी और भाभी सौभाग्यम अलागन के शव मिल चुके हैं जबकि कामराज और मयूरम की तलाश अभी जारी है।

दिल्ली के प्रदीप मैसी को भी इस हादसे ने गहरा दुख दिया है। उनके परिवार में पत्नी मरीज, बेटे त्रिशान सहित 3 मौतें हुईं। शनिवार सुबह त्रिशान, मधुर मैसी और मरीन मैसी के शव दिल्ली भेज दिए गए।

जबलपुर के कृष्णा सोनी के लिए हादसा बेहद पीड़ादायक है। पहले पत्नी की मौत और अब बेटे विराज का शव मिलने से वे पूरी तरह टूट चुके हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विराज का शव देख कृष्णा बिलख पड़े। आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

मृतकों के परिजन को 10 लाख रुपए के मुआवजे की मांग

राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। पत्रकार वार्ता में कहा, मृतकों के परिजन को न्यूनतम 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाना चाहिए। तन्खा ने कहा, घायलों को भी उचित सहायता मिलनी चाहिए।