मुख्यमंत्री तो घुटना टेक है.... पर जनता ही मेरी भगवान- शिवराज सिंह
जबलपुर। कमलनाथ जी सुन लो मेरी जनता ही भगवान है। माफिया को मसल के रख दूंगा, नशा कारोबारी, जमीन माफिया गुंडों की कमर तोड़ दूंगा। कोई रोक नहीं सकता। जनता ही मेरी सरकार है। किसान प्रेम अचानक जाग गया है कमलनाथ और दिग्गी राजा के मन में। उपवास करना है तो पश्चाताप का करो। पाप इतने किए हैं, किसानों को रुलाया है। कमलनाथ का तो वनवास हो गया है। कोरोना में अर्थव्यवस्था भले ही ठीक नहीं थी, पर हमने सरकार को अच्छे से चलाया। 2200 करोड़ खा गए किसानों की फसल बीमा का, उन्हें बीमा नहीं मिला। ये पाप है। अब किसान प्रेम उमड़ रहा है। किसानों को कर्ज मुक्त करके ही दम लूंगा। मोदी की योजनाओं का बखान करते हुए जनहितैषी बताया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए कृषि बिल को किसानों के हित का बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग इसे किसानों को लूटने वाला कह रहे हैं वे नहीं चाहते कि किसान तरक्की करे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को जबलपुर में किसान सम्मेलन में पहुंचे। उनका स्वागत भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते भी जबलपुर पहुंचे हैं।
केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते संबोधित करते हुए किसान बिल जब प्रस्तुत हुआ तो राहुल गांधी हाउस में नहीं थे। सरकार किसानों की बात सुनने तैयार है, लेकिन आंदोलन के 20 वें दिन तक भी कोई भी उनमें से आगे नहीं आया। तीनों बिलों में किए गए प्रावधान किसान कल्याणकारी हैं। प्रधानमंत्री ने किसान की चिंता कर उसकी आय बढ़ाने, उपज की सही कीमत दिलाने कानून में प्रावधान किया है। उत्पादन व उपार्जन में मप्र देश में न 1 है। किसी किसान को हताश होने की जरूरत नहीं है। देश में राजनीतिक दल केवल विरोध के लिए विरोध कर रह हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा बोले हर जीन्स की एमएससी में बढ़ोतरी की गई है, प्रदेश के किसानों को 10 हजार रुपये सम्मान निधि मिल रही है, किसानों से धोखाधड़ी नहीं हो सकती। आजादी के 75 साल बाद आज कोई सरकार किसान हित में काम कर रही है, देश के उद्योग पति अपने उत्पाद की कीमत तय करता है, भेड़ा घाट का मूर्तिकार अपनी बनाई मूर्ति की कीमत तय करता है किसान को भी अपनी उपज का अधिकार मिले यही तो प्रधानमंत्री मोदी किसान के लिए चाहते हैं। ये आजादी नए कृषि कानून किसान को देंगे। वह उस स्थान पर अपनी उपज बेंच सके, जहां सही कीमत मिले। दूसरा कानून कॉन्टेक्ट फॉर्मिंग के अवसर देगा।