जबलपुर

कोरोना का दंशः MP के इस बड़े रेलवे जंक्शऩ से UP का टूटा संपर्क

-बसों का आवागमन भी है बंद

2 min read
Sep 17, 2020
Chitrakoot Express

जबलपुर. इसे कोरोना का दंश ही तो कहा जाएगा, कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया, उसके साथ ही रेलवे ने ट्रेनों का संचालन भी बंद कर दिया। धीरे-धीरे केंद्र सरकार ने अनलॉक के जरिए तकरीबन सब कुछ खोल दिया है। कहीं कोई रोक-टोक नहीं है, बस हर नागरिक को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना है। लेकिन रेलवे जो लगातार घाटे में चल रही है, वह ट्रेनों के संचालन के प्रति अभी नरमी दिखाने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि छह महीना होने जा रहा है जबलपुर से यूपी के बड़े शहरों तक पहुंचने वालों के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं रह गई है। ऐसे में नागरिक परेशान हैं। पर रेलवे को अभी कुछ और इंतजार है।

बता दें कि जबलपुर से कानपुर,लखनऊ, प्रयागराज आदि बड़े शहरों में आवागमन के लिए मात्र एक ट्रेन थी चित्रकूट एक्सप्रेस, लेकिन वह करीब छह महीने से बंद है। बसें भी नहीं चल रही हैं। ऐसे में यूपी के इन शहरों के मूल निवासी जो जबलपुर में रह रहे हैं वो अपने घर नहीं जा पा रहे। अगर किसी को जबलपुर से कानपुर,लखनऊ, प्रयागराज आना है तो उसे निजी वाहन का ही सहारा है।

बता यह भी दें कि चित्रकूट एक्सप्रेस वो ट्रेन है, जिसमें सफर करने के लिए लोगों को महीनों पहले रिजर्वेशन कराना पड़ता था। स्लीपर कोच हो या एसी लंबी वेटिंग होने की वजह से लोगों को एक से दो माह पहले ही रिजर्वेशन कराना होता था। ट्रेन में 120 प्रतिशत मांग होने की वजह से इसमें कोच की संख्या में भी इजाफा किया गया था। लेकिन फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेन बंद है। इस ट्रेन को चलाने में कोई अड़चन भी नहीं है। दोनों ही प्रदेशों में भाजपा का ही शासन है। ऐसे में एक दूसरे से करार करने में किसी को कोई एतराज भी नहीं होना चाहिए। लेकिन इसके जरूरत एक अदद मुकम्मल प्रयास की है।

ऐसे में क्षेत्रीय सांसद राकेश सिंह ने इस प्रकरण में रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा है कि वो जल्द ही पश्चिम-मध्य रेल के महाप्रबंधक को पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह ट्रेन शीघ्र ही जबलपुर के व्यापारियों, उप्र के विभिन्न शहरों में निवास करने वालों और अन्य सभी यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगा।

कोट
"चित्रकूट एक्सप्रेस चलाने के लिए सभी संभावनाएं देख रहे हैं। यदि जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई मांग आती है तो इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।"-संजय विश्वास, डीआरएम, जबलपुर रेल मंडल

Published on:
17 Sept 2020 09:25 pm
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