जबलपुर

रोशन हुआ शहर, 38 लाख यूनिट पहुंची बिजली की मांग

दुर्गोत्सव : जिले में 500 से अधिक अस्थाई कनेक्शन
less than 1 minute read
• •
Updated: 3 Oct 2019, 11:59 AM IST
electricity rate
electricity rate

जबलपुर. दुर्गोत्सव में संस्कारधानी की सडक़ें, गलियां और मोहल्ले रोशनी से जगमग हैं। रामलीला, डांडिया, दुर्गोत्सव और विभिन्न आयोजन समितियों की ओर से क्षेत्र को रंगीन रोशनी से सजाया गया है। पंचमी से शहर में बिजली की मांग में इजाफा होगा। षष्टमी और उसके बाद बिजली की मांग 38 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी, जो दशहरा तक यथावत रहेगी। हालांकि पिछले तीन साल पूर्व की अपेक्षा बिजली की मांग कम है। इसका कारण अधिक ऊर्जा खपत वाले उपकरणों की जगह एलईडी और कम बिजली खपत वाले उपकरणों का उपयोग करना है।
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष बिजली कम्पनी ने दुर्गोत्सव के दौरान शहर में 250 अस्थाई विद्युत कनेक्शन किए थे। इस वर्ष यह संख्या शहर में 400 और देहात में एक सैकड़ा से अधिक है। अभी भी बिजली कम्पनी के दफ्तर में अस्थाई कनेक्शन के लिए आवेदन पहुंच रहे हैं।
और बढ़ेगी मांग
वर्तमान में शहर में बिजली की मांग 32 लाख यूनिट है। दुर्गोत्सव पर बिजली की मांग 38 लाख यूनिट प्रतिदिन होने का अनुमान बिजली कम्पनी के सिटी सर्किल ने लगाया है। इसके लिए मेंटेनेंस भी किया जा रहा है।
इनका रखें ध्यान
- बिजली लाइन के नीचे पंडाल नहीं बनाएं।
- अच्छे प्रतिरोधक क्षमता वाले तारों का उपयोग करें।
- लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही कराएं वायरिंग।
- अर्थिंग वायर का करें उपयोग।
- तारों को परदे और लकड़ी की सामग्री से दूर रखें।
- आवेदित भार से अधिक बिजली का उपयोग नहीं करें।
वर्जन
बिजली लाइनों का मेंटेनेंस किया जा रहा है। अभी लगभग 300 अस्थाई कनेक्शन और होने की उम्मीद है। इससे बिजली की मांग और बढ़ेगी।
आईके त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता, सिटी सर्किल

Published on: