कांग्रेस विधायक ने भाषण में कहीं देश में दंगा फैलाने की बात, बढ़ गई मुसीबत
जबलपुर। भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद अग्रिम जमानत के लिए मप्र हाइकोर्ट की शरण मे पहुंच गए। भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी ओर से अग्रिम जमानत की अर्जी पेश की गई। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस सुजय पॉल की डिवीजन बेंच ने इसकी सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को मामले की केस डायरी व अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 25 नवम्बर को होगी।
कोर्ट ने केस डायरी की तलब
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद अग्रिम जमानत के लिए हाइकोर्ट की शरण में
प्रकरण के अनुसार कुछ दिन पहले फ्रांस में पैगम्बर साहब का कार्टून क्लास में दिखाने वाले एक अध्यापक की हत्या कर दी गई थी। सैमुअल पैटी की हत्या से फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों नाराज हुए और उन्होंने पैटी के प्रति सम्मान जाहिर किया। 30 अक्टूबर को भोपाल के इकबाल मैदान में मसूद की ओर से भीड़ जुटाकर फ्रांस के राष्ट्रपति का पुतला और झंडा जलाया गया था। इस दौरान मसूद ने भाषण दिया कि फ्रांस के उक्त कृत्य का केंद्र व राज्य में बैठी हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी समर्थन कर रहे हैं। मसूद ने चेतावनी दी थी कि सरकार ने फ्रांस के कृत्य का विरोध नहीं किया, तो हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे।
मामले पर तलैया थाना पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद समेत 400 अज्ञात पर भादंवि की धारा 153 ए का केस दर्ज किया। इस मामले में आरोपी बनाए गए छह लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। आरिफ मसूद फरार हैं। सांसदों, विधायकों की विशेष कोर्ट उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी 7 नवम्बर को खारिज कर चुकी है। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए मसूद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा, अधिवक्ता अजय गुप्ता व ऋषभ दुबे ने अग्रिम जमानत की अर्जी पेश कर उन्हें बेगुनाह बताया। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने महाधिवक्ता पीके कौरव को केस डायरी व जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।