दूसरी लहर में सावधानी की दरकार,अक्टूबर के बाद मार्च में मिले सबसे ज्यादा कोरोना मरीज
जबलपुर. शहर में पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर में अक्टूबर माह के बाद इस साल मार्च में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले हैं। मार्च के 31 दिन में 2 हजार 527 नए कोरोना मरीज मिलने के साथ ही इस अवधी में 15 व्यक्तियों की कोरोना से मौत हुई। इसके अलावा कोरोना संदिग्धों की मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। जिले कोरोना से बढ़ती मौत का आंकड़ा अब चिंता बढ़ा रहा है। तेजी से कोरोना के फैलने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है एक महीने में कोरोना एक्टिव केस 11 गुना से ज्यादा हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि इस माह कोरोना के मरीज ज्यादा तेजी से बढ़ सकते हैं।
कुछ दिन पिछले वर्ष जैसी जिंदगी जीएं
कोरोना समाप्त नहीं हुआ है। लोग लापरवाह हो गए हैं। सुरक्षा उपाय करने में कोताही हुई तो कोरोना फिर से आक्रामक हो गया है। संक्रमण फिर से पहले जैसा रुप ले रहा है। अस्पताल पहुंचने में देर होने पर संक्रमित की सेहत तेजी से बिगड़ रही है। स्थिति गम्भीर हो रही है। अब कुछ दिन पिछले वर्ष संक्रमण काल के समय जैसी जिंदगी जीने का समय है। घर से बाहर निकलने के समय कम से कम करें। बच्चे और बुजुर्ग घर में ही रहे। घर से बाहर सभी मास्क अवश्यक लगाएं। दो गज की दूरी रखें। भीड़ से बचें। बार-बार साबुन से हाथ धोएं। कोविड-19 वैक्सीन लगवाएं। कोई भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत नजदीकी फीवर क्लीनिक या चिकित्सक से परामर्श करें। सुरक्षा के उपाय करके और सावधानी रखकर ही कोरोना से लड़ाई लड़ सकते है।
-डॉ. जितेन्द्र भार्गव, डायरेक्टर, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पलमोनरी मेडिसिन