कोविड-19: इस बार 22 दिन में मिले एक हजार मरीज, 13 हजार पहुंची संक्रमितों की संख्या
जबलपुर। शहर में लोगों की सावधानी से कोरोना संक्रमण की चेन कमजोर पड़ी है। लम्बे समय बाद कोरोना के नए एक हजार मरीज मिलने में अपेक्षाकृत ज्यादा समय लगा है। इस बार 22 दिन में नए एक हजार कोविड केस सामने आए हैं। इससे पहले महज 4-10 दिन में कोरोना के एक हजार नए मामले मिल रहे थे। नए कोरोना मरीजों की संख्या घटकर 20 से 30 प्रतिशत पर आ गई है। इस बड़ी राहत के साथ ही मौसम में परिवर्तन और दूसरे देशों के कोरोना ट्रेंड के मुताबिक सेकेंड पीक का समय आ गया है। सर्दी बढऩे, कोहरा पडऩे के साथ ही संक्रमण से बचाव के तरीकों को अपनाने में फिर से बरती जा रही लापरवाही से कोरोना के फैलाव का खतरा बना हुआ है।
सावधानी से तोड़ी कोरोना की चेन, सर्दी में रहें सतर्क
जिले में कोरोना की दस्तक के बाद जुलाई से संक्रमण का फैलाव बढ़ा था। तब 15-18 दिन में कोरोना के एक हजार नए मरीज मिल रहे थे। सितम्बर आते तक कोरोना ने पिछले सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए थे। जांच में 4-5 दिन में एक हजार नए कोविड केस सामने आ रहे थे। सितम्बर में प्रतिदिन करीब दो सौ की औसत से कोरोना मरीज मिले। इस दौरान जब कोरोना पीक पर था तो एक दिन में ढाई से ज्यादा मरीज भी मिले। अक्टूबर में भी कोरोना संक्रमण की तेज चाल बनी रही। हालांकि, यह सितम्बर के अपेक्षाकृत कुछ कम थी। करीब चार महीने बाद नवम्बर में संक्रमण का फैलाव काबू में आया है। एक हजार नए संक्रमित की संख्या तक पहुंचने में 22 दिन लगे।
बड़े खतरे से बचें
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स का मानना है कि कोरोना संक्रमण और उसके बचाव को लेकर अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। अभी के हालात में कोरोना को काबू में रखा जा सका, तो बड़े नुकसान से शहर बच जाएगा। जानकारों का मानना है कि दूसरे देशों के कोरोना ट्रेंड के मुताबिक पहली लहरी के तीन माह बाद वहां संक्रमण की दूसरी लहर आई है। नवम्बर के आखिरी से जनवरी के मध्य के बीच शहर में कोरोना की दूसरी लहर हो सकती है।