-साल भर पूरा होते ही दोहराया इतिहास
जबलपुर. ठीक एक वर्ष बाद कोरोना वायरस ने फिर से मध्य प्रदेश और जबलपुर को अपनी जकड़न में लिया है। बता दें कि पिछले साल भी वैश्विक महामारी कोरोना के कारण इसी दिन लॉकडाउन हुआ था। अब एक बार फिर से उसी वैश्विक महामारी के चलते इस साल भी शहर फिर बंदी के कगार पर पहुंच गया। विदित हो कि एमपी में सबसे पहले जबलपुर में ही लॉकडाउन लगा था। तब प्रदेश में सबसे पहले चार कोरोना संक्रमित यहां पाए गए थे।
19 मार्च ही वो तारीख थी जब लोग दिन भर का कामकाज करके सहमे-सहमे से घर पहुंचे थए कि रात 9 बजे पता चला कि जबलपुर में विदेश से लौटे चार नागरिक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके साथ प्रदेश में कोरोना ने कदम रखा था। उस सूचना ने सभी नगरवासियों को दहशत में डाल दिया था। लोग डरे-सहमे कि अब तो यहां भी यह वैश्विक महामारी का प्रकोप होगा जिसकी गिरफ्त में जाने कितने लोग आएंगे। इस भय के बीच ही लॉकडाउन लगा दिया गया। सुबह लोगों की आंख खुली तो कानो-कान कोरोना के शहर में प्रवेश की खबर शहर भर में फैलते देर नहीं लगी और हर जगह दहशत का माहौल बन गया।
दहशत में लोगों को कुछ सूझ नहीं रहा था। कुछ अजीब से हालात रहे। हमेशा गुलजार रहने वाली सड़कें हों या गलियां हर जगह सियापा छा गया। यकायक सब कुछ जैसे थम सा गया हो। दरअसल जीवन की रफ्तार ही थम गई थी। हर शख्स घरो में कैद हो चुका था। जिला प्रशासन ने आम लोगों की मदद के लिए सहायता केंद्र खोले। हर नागरिक की हर जिज्ञासा को शांत करने के लिए सरकारी मशीनरी तैनात हो गई। सरकारी कर्मचारियों, मेडिकल प्रैक्टिसनर्स व अन्य वो लोग जिनकी जरूरत बेहद जरूरी थी के आने-जाने के लिए पास जारी किया गया।
कमोबेश वैसा ही माहौल दोबारा देखने को मिल रहा है जब कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिर तेज हो गई है। शासन ने शनिवार की रात 10 बजे से एक बार फिर 32 घंटे के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। यह लॉकडाउन सोमवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा। चिंता का विषय यह है कि एक बार फिर कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़े 100 पार हो गए हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिहाज से भी सैकड़ों लोग सस्पेक्टेड मरीजों के दायरे में आ गए हैं। बात जबलपुर की करें तो यहां एक्टिव केसिस की संख्या बढ़कर 476 हो गई है, जबकि, कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 17000 के पार है।