जबलपुर

इसे कहते हैं प्यास लगने पर कुआं बनाना! कोरोना का कहर बढ़ा तो याद आया कि लैब की क्षमता बढ़ानी है

जबलपुर के एनआईआरटीएच में भी लगेगी आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन, निजी कम्पनी ने भी लैब के संचालन के लिए मांगी अनुमति  

2 min read
Aug 09, 2020
corona lab
corona lab

जबलपुर। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण और नमूने की जांच के बढ़ते भार के बीच जबलपुर में एक बार फिर सरकारी लैब की क्षमता में विस्तार की योजना तैयार की गई है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब की तरह एनआईआरटीएच में भी आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन लगाने की तैयारी है। शहर के साथ आसपास के जिलों से आने वाले कोरोना संदिग्धों के नमूने की संख्या बढऩे पर अब सरकारी लैब से और ज्यादा जांच की उम्मीद की जा रही है। एनआईआरटीएच में पहले भी आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन की स्थापना का प्रस्ताव था। इस बीच वायरोलॉजी लैब की क्षमता बढऩे पर उस प्रस्ताव पर ज्यादा प्रयास नहीं हुए। लेकिन, अब जिला प्रशासन की ओर से कोरोना जांच की एक आधुनिक मशीन की जरूरत होने की मुख्यमंत्री तक जानकारी भेजी गई है। इस बीच शहर में निजी क्षेत्र की एक बड़ी कोरोना टेस्ट लैब की स्थापना की कवायद भी शुरू हो गई है। एक निजी कम्पनी ने कोरोना जांच लैब शुरू करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है।

शहर में अभी जांच क्षमता

लैब : प्रतिदिन नमूने का परीक्षण
एनआइआरटीएच : 450-500
मेडिकल कॉलेज : 550-600
जिला अस्पताल : 30-60
दो प्राइवेट सेंटर : 20-25

दो सौ से छह सौ तक बढ़ेगी क्षमता

मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में पीसीआर टेस्ट में आरएनए एक्सट्रक्शन की प्रक्रिया मेनुअल होने पर काफी वक्त लग रहा था। इस दौरान 300-350 नमूने की औसतन प्रतिदिन जांच हो पा रही थी। एडवांस आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन लगने से कोरोना टेस्ट का दूसरा चरण करीब आधे समय में पूरा होने लगा। इससे वायरोलॉजी लैब की क्षमता बढ़कर प्रतिदिन औसतन छह सौ नमूने तक हो गई। एनआइआरटीएच में भी एडवांस एक्सट्रक्शन मशीन लगने पर उनकी जांच क्षमता बढ़कर प्रतिदिन छह सौ सात सौ नमूने होने का अनुमान है। निजी लैब को अनुमति मिलने पर उसे मिलाकर शहर में मौजूदा कोरोना टेस्ट की क्षमता में प्रतिदिन दो सौ से छह सौ नमूने तक बढ़ जाएगी। इससे गम्भीर कोरोना संदिग्ध की रिपोर्ट जल्दी मिल सकेगी। कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने और नमूने बढऩे पर स्वास्थ्य विभाग गुजरात से कोरोना जांच करा रहा है। आसपास के जिलों में कोरोना संक्रमित बढऩे पर उनके नमूने एनआइआरटीएच और वायरोलॉजी लैब को भेजे जा रहे हैं। इससे शहर के संदिग्धों के नमूने के लिए दोनों सरकारी लैब में स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। सम्भाग के अन्य जिलों में बढ़ते कोरोना केस चलते अब शहर में लिए जा रहे नमूने की अहमदाबाद की निजी लैब से ही जांच कराने का निर्णय हुआ है। शहर में गम्भीर संदिग्धों की ट्रूनेट और वायरोलॉजी लैब से जांच कराई जाएगी। ताकि आसपास के जिलों से आने वाले नमूने की सरकारी लैब से जांच कराकर रिपोर्ट जल्दी भेजा जा सके।

Published on:
09 Aug 2020 07:47 pm