स्वास्थ्य विभाग का निर्देश- कोविड टेस्ट की दर तय, निजी लैब में चस्पा करने होंगे सैम्पलिंग चार्ज
जबलपुर। प्राइवेट अस्पतालों के लिए कोरोना मरीज के उपचार का शुल्क निर्धारित किए जाने के बाद अब कोविड टेस्ट के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों और पैथ लैब की मनामनी वसूली पर अंकुश लगाने कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर और रेपिड एंटीजन टेस्ट के लिए प्रति मरीज जांच शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। अब अलग-अलग निजी अस्पताल या लैब कोविड टेस्ट के नाम पर मनमाना शुल्क वसूल नहीं सकेंगे। कोविड टेस्ट की कीमत तय करने के साथ ही इसकी सूची को निजी अस्पताल एवं लैब में प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। दर सूची ऐसी जगह पर चस्पा करना होगा जिसे मरीज संस्थान में प्रवेश करते ही आसानी से देख सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सूची नहीं मिलने या मरीज से ज्यादा राशि लेने की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
साझा करना होगा जांच का परिणाम
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी प्राइवेट हॉस्पिटल और पैथोलॉजी लैब को नमूना लेते समय संबंधित कोरोना संदिग्ध का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर की सूचना आरटीपीसीआर एप पर अपलोड करते हुए पहचान गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए हैं। नमूने की जांच का परिणाम राज्य सरकार एवं आइसीएमआर के साथ वास्तविक समय पर पोर्टल पर दर्ज करने कहा है। आदेश के अनुसार जांच के परिणाम का पता चलते ही उसकी जानकारी संबंधित मरीज को तुरंत देना है।
कोरोना जांच : प्रति मरीज जांच शुल्क
कोविड टेस्ट- सेंटर में कलेक्शन -घर से कलेक्शन
आरटीपीसीआर- 1200 रुपए- 1400 रुपए
रेपिड एंटीजन- 00 रुपए -1100 रुपए
इसमें सैम्पल कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन, कंज्युमेबल, पीपीइ किट और अन्य समस्त कर सहित सभी प्रकार का शुल्क शामिल हैं।
तीन को रादुविवि आंशिक रूप से रहेगा बंद
कोरोना संक्रमण के चलते रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को एक बार फिर से 3 अक्टूबर को आंशिक रूप से बंद करने का विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है। इस दौरान विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के संचालन की अनिवार्यता को देखते हुए विश्वविद्यालय के गोपनीय ऑनलाइन सेल एवं कंप्यूटर सेंटर में कार्यरत स्टॉप कार्यालय में मौजूद रहेगा।