जबलपुर

मेडिकल के पीजी स्टूडेंट को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों पर अदालत की सख्ती

जबलपुर की जिला अदालत ने नहीं दी अग्रिम जमानत, अर्जी निरस्त    

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Nov 09, 2020
Teachers

जबलपुर। मेडिकल कॉलेज जबलपुर के पीजी छात्र डॉ. भागवत देवांगन की आत्महत्या के मामले के पांचों आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। एडीजे विश्वनाथ शर्मा की अदालत ने आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। अभियोजन के अनुसार रहौद जिला जंजगीर चांपा छत्तीसगढ़ निवसी डॉ. भागवत देवांगन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था। पीजी आर्थो में अध्ययन के दौरान भागवत ने छात्रावास के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

घटना के बाद छात्रावास के कुछ छात्रों ने पुलिस को जानकारी दी थी कि भागवत की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। इसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई प्रहलाद ने मेडिकल के पांच पीजी छात्रों पर भागवत को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त करने के आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। भागवत का शव मेडिकल के छात्रावास में एक अक्टूबर को पाया गया था। डॉ. भागवत देवांगन खुदकुशी मामले में पांच सीनियर छात्रों को आरोपी बनाया गया। इनमें विकास द्विवेदी, अमन गौतम, सलमान, शुभम शिंदे, अभिषेक गेमे शामिल हैं। इन पर भागवत को प्रताडि़त करने, रैगिंग करने के आरोप हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों की ओर से जमानत की अर्जियां पेश की गईं।

Published on:
09 Nov 2020 09:42 pm
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