
जबलपुर . इस बार छत्तीसगढ़ के रास्ते मानसून सम्भाग में दस्तक देगा। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के बाद आंध्रप्रदेश से आगे बढ़ते हुए मानसून ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आवक दर्ज करा दी है। तेजी से आगे बढ़ रहे दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के दक्षिण पूर्वी मध्यप्रदेश के डिंडोरी, मंडला और सिवनी जिले को पहले छूने की सम्भावना है। स्थितियां अनुकूल बनी रही मानसून 3-4 दिन में शहर भी पहुंच जाएगा। इधर, अरब सागर की ओर से सक्रिय मानसून भी मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा पहुंच गया है। दोनों छोर से सक्रिय मानूसन की तेज रफ्तार से शहर और सम्भाग में जल्द झमाझम वर्षा की उम्मीद बढ़ गई है। प्री मानसूनी गतिविधियां बढऩे के साथ ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। गुरुवार को हल्के काले बादलों की आवाजाही रही। इससे गर्मी और उमस बन रही। मौसम के मौजूदा मिजाज से परेशान लोगों को अब मानसून से राहत मिल सकती है।
दोपहर बाद उमड़े बादल
गुरुवार की सुबह धूप रही। पूर्वान्ह तक गर्मी महसूस हुई। उसके बाद हवा तेज हो गई। हवा गर्म होने के साथ ही आसमान में काले बादल उमड़े। दोपहर बाद हल्के बादलों से आसमान घिर गया। कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। उमस बढऩे लगी। शाम को लोग उमस से बेहाल होने लगे। हवा की गति धीमी होती चली गई। इससे शाम ढलने के बाद भी उमस का अहसास हुआ। घरों के आंगन, छत और टहलने निकलने पर भी लोगों को गर्मी परेशान करती रही। मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार गुरुवार को नमी की मात्रा बढऩे से दोपहर बादल लोकल सिस्टम से बादल बनें। दक्षिण-पश्चिमी मनसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने के साथ ही महाराष्ट्र में आगे बढ़ गया है। इससे दो-तीन दिन में बादल की आवक होने और वर्षा की सम्भावना है। अनुकूल परिस्थिति रहने पर 3-4 दिन में मानसून पश्चिमी या दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश में प्रवेश करने की सम्भावना बन गई है।
अधिकतम तापमान ठहरा
दोपहर बाद मंडराए बादलों ने गुरुवार को पारे के उछाल को रोक दिया। अधिकतम तापमान बिल्कुल बुधवार के बराबर बना रहा। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 39.4 और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस था। गुरुवार को भी अधिकतम तापमान सामान्य के बराबर 39.4 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हुई। यह गुरुवार को बढ़कर 27.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। सामान्य से एक डिग्री ज्यादा रहा। आद्र्रता सुबह के समय 61 प्रतिशत और शाम को 35 प्रतिशत थीं। दक्षिण-पूर्वी हवा औसतन 3 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली। शुक्रवार को सम्भाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछार की सम्भावना है।