दमोह नाका मदन महल फ्लाई ओवर ब्रिज में अड़चन! खर्च बचाने बदल दी योजना
जबलपुर। शहर के मध्य में रहने वाले बिजली उपभोक्ताओं के घरों तक अंडर ग्राउंड बिजली भेजने की योजना अब लागू नहीं की जा सकेगी। इस कार्य में लगने वाली लागत और कई अड़चनों के चलते अंडर ग्राउंड बिजली के मॉडल को वापस ले लिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने ओपन बिजली पर काम कराने का निर्णय लिया है। दमोहनाका से लेकर मदनमहल तक ओवर ब्रिज हिस्से में बिजली को अंडर ग्राउंड सप्लाई करने की योजना बनाई गई थी।
अड़चन- पहले तैयार किया गया था अंडर ग्राउंड का प्रस्ताव
43 करोड़ के खर्च को देख बदल दी भूमिगत बिजली की योजना
43 करोड़ का खर्चा
सर्वे के बाद अंडर ग्राउंड लाइन बिछाने के लिए 43 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। सडक़ से लेकर लोगों के घरों के पास तक खुदाई करानी पड़ेगी। कई जगह संकीर्ण गलियां होने से ऐसे में समय भी अधिक लगेगा और परेशानी भी होगी। पीडब्ल्यूडी ने अंडर ग्राउंड बिजली लाइन डालने के प्रस्ताव को नामंजूर करते हुए ओपन लाइन डालने का निर्णय लिया है।
यहां 10 करोड़ होंगे खर्च
नए सिरे से तैयार की गई योजना में ओपन फिटिंग में करीब 10 करोड़ की लागत आ सकती है। इस प्रस्ताव से बिजली कम्पनी को अवगत कराया गया है। इस कार्य में करीब चार सौ बिजली के खम्भों की शिफ्टिंग की जानी है। इस कार्य में दो से तीन माह तक लग सकते हैं।
योजना में बदलाव किया गया है। पूर्व में अंडर ग्राउंड बिजली सप्लाई का प्रस्ताव बनाया गया था। पीडब्ल्यूडी ने खर्च को देखते हुए इसमें बदलाव करते हुए ओपन काम कराने का निर्णय लिया है।
- सुनील त्रिवेदी, एसई बिजली कम्पनी