
जबलपुर। पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ धनतेरस पूजन से होता है। इस बार यह पूजन 5 नवम्बर को होगा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर की सुख समृद्धि और वृद्धि तय करती हैं। ज्योतिषाचार्य पं. सचिनदेव महाराज के अनुसार धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी के साथ माता लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर का पूजन करना चाहिए। साथ ही इस दिन नये उपहार, सिक्का, बर्तन व गहनों की खरीदारी करना शुभ रहेगा। शुभ मुहूर्त समय में पूजन करने तीनों देवी देवता प्रसन्न होते हैं। इस दिन पूजा में भोग लगाने के लिये नैवेद्ध के रुप में सफेद मिठाइयां चढ़ानी चाहिए। साथ ही इस दिन स्थिर लक्ष्मी का पूजन करने का विशेष महत्व है।
ऐसा भी कहा जाता है कि कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि को भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। जो कि आरोग्य के देवता कहे जाते हैं। भगवान धनवंतरी देवी, देवताओं के चिकित्सक हैं। धनतेरस के दिन चांदी खरीदना शुभ रहता है।
धन तेरस पूजा मुहूर्त
प्रदोष काल-
सूर्यास्त के बाद के 2 घंटे 24 मिनट की अवधि को प्रदोषकाल के नाम से जाना जाता है। प्रदोषकाल में दीपदान व लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहता है। मप्र मेंं 5 नवम्बर सूर्यास्त समय सायं 05:25 तक रहेगा। इस अवधि में स्थिर लग्न 06:05 से लेकर 10:10 तक वृषभ लग्न रहेगा। मुहुर्त समय में पूजन होने से घर-परिवार में स्थाई लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
चौघाडिया मुहूर्त -
5 नवम्बर 2018,
अमृत काल मुहूर्त 04:25 से 06:04 तक
चर 06:52 से लेकर 07:25 तक
इन मुहूर्त समय में किया गया पूजन वृद्धिकारक होता है। शुभ काल मुहूर्त की शुभता से धन, स्वास्थय व आयु में वृद्धि होती है। सबसे अधिक शुभ समय अमृत काल में पूजा करने का होता है।
सांय काल में शुभ महूर्त
प्रदोष काल का समय 05:28 से 10:02 तक रहेगा, स्थिर लग्न 06:05 से 10:05 तक रहेगा। धनतेरस की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय 06:05 से 10:02 के बीच रहेगा।
धनतेरस में खरीदें ये चीजें
धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी व गणेश जी की चांदी की प्रतिमाओं को घर लाना चाहिए। घर- कार्यालय, व्यापारिक संस्थाओं में धन, सफलता व उन्नति को बढाता है। चांदी की मूर्तियां, सिक्के, सोने के आभूषण, वाहन आदि खरीदना भी शुभ रहेगा।