अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। इधर, रेल प्रशासन ने भी इस दिशा में कोई ध्यान दिया। ऐसे में अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। उल्लेखनीय है कि यात्रियों और व्यापारियों द्वारा लगातार सीधी ट्रेन की मांग की जा रही थी।
Jabalpur to Raipur के बीच वाया गोंदिया सीधी ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव टाइम टेबिल कमेटी में अटक गया है। रेल प्रशासन द्वारा जनता की मांग पर ट्रेन चलाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन प्रस्ताव पर कमेटी ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। इधर, रेल प्रशासन ने भी इस दिशा में कोई ध्यान दिया। ऐसे में अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। उल्लेखनीय है कि यात्रियों और व्यापारियों द्वारा लगातार सीधी ट्रेन की मांग की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार जबलपुर- रायपुर के बीच वंदे भारत जैसी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव था। जेडयूआरसीसी सहित अन्य संगठनों द्वारा भी इस संबंध में रेल प्रशासन से मंशा जाहिर की गई थी। लेकिन प्रशासन ने वंदे भारत की जगह एलएचबी कोचों के साथ सीधी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा था। शताब्दी की तरह यात्रियों की सहूलियतों के अनुसार समय और रुट निर्धारित कर इसे भी चलाने की मंशा थी, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं होने से यात्रियों की परेशानियां कम नहीं हो पा रही हैं।
जबलपुर से रायपुर के लिए यात्रियों को केवल अमरकंटक एक्सप्रेस पर निर्भर रहना पड़ता है। सीधी ट्रेन न होने के कारण 10.30 घंटों का सफर कई बार 12 घंटो में पूरा होता है। यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच प्रमुख संपर्क का एकमात्र साधन है। जबलपुर में रेडीमेड उद्योग का रायपुर में लगातार कारोबार बढ़ रहा है। बड़ी संया में लोगों का आना-जाना होता है। एक मात्र ट्रेन होने के कारण लंबी वेटिंग रहती है।
Jabalpur to Raipur के लिए सीधी ट्रेन का प्रस्ताव भेजा गया है। सीधी ट्रेन चलाने में दिक्कत नहीं है। टाइम टेबल कमेटी में निर्णय होना है। प्रस्ताव में क्यों देरी हो रही है, इसकी जानकारी ली जाएगी।