जबलपुर

बुजुर्ग की मौत के बाद डॉक्टरों ने की परिजनों मार मारकर कर दिया घायल

बुजुर्ग की मौत के बाद डॉक्टरों ने की परिजनों मार मारकर कर दिया घायल  

2 min read
Aug 11, 2020
Fake doctor

जबलपुर। मेडिकल में भर्ती 70 वर्षीय राजकुमार जैन की वार्ड शिफ्टिंग के बाद हुई मौत और फिर वार्ड बंद कर परिजन की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को पीडि़त जैन परिवार के सदस्यों की गढ़ा टीआई की मौजूदगी में पहले एएसपी संजीव उईके और फिर एसपी के साथ बैठक हुई। पीडि़त परिवार एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ा रहा। ढाई घंटे की बातचीत के बाद भी बैठक बेनतीजा रही। एसपी के निर्देश पर गढ़ा पुलिस ने चार घायलों का मुलाहिजा कराने का निर्देश दिया। दोपहर 12 बजे पीडि़त जैन परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा था। वहां पहले टीआई राकेश तिवारी की मौजूदगी में एएसपी संजीव उईके ने पहले एएसपी संदीप उईके से चर्चा की। इसके बाद दोपहर एक बजे एसपी के साथ बैठक हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक वहां बातचीत हुई। परिजन के मुताबिक उनकी मांग दोषी जूडॉ और सुरक्षा कर्मी, बांउसर पर कार्रवाई की है। एसपी के निर्देश पर टीआई गढ़ा राकेश तिवारी ने पीडि़त जैन परिवार के चार घायलों पवन जैन, अमित जैन, राजेश जैन, राजेश प्रिंसी का मुलाहिजा विक्टोरिया अस्पताल में कराया।

घायलों की कराई गई मेडिकल जांच, एसपी कार्यालय में ढाई घंटे तक हुई चर्चा, पीडि़त परिवार ने की कार्रवाई की मांग

लाल शर्ट पहने युवक का वीडियो वायरल
इस मामले में अभी जो वीडियो सामने आया है, उसमें लाल शर्ट पहने एक युवक दिख रहा है। वह सुरक्षा कर्मी बताया जा रहा है। वह भी दरवाजा बंद करने के लिए कहकर अन्य मरीजों के परिजनों को बाहर करने कहा रहा है।

यह है मामला
फेफड़ो में संक्रमण व निमोनिया के चलते संगम कॉलोनी निवासी राजकुमार जैन को मेडिकल में भर्ती कराया गया था। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद आठ अगस्त को मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट किया गया। आरोप है कि वहां ऑक्सीजन न लगाने से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने शिकायत की, तो वार्ड बंद कर जूडॉ, गार्ड और अन्य स्टाफ ने मारपीट की। मरीज के परिजन का आरोप है कि उनके साथ अभद्रता भी की गई थी।

इधर, जूडॉ ने दी हड़ताल की चेतावनी
उधर, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने मारपीट के प्रकरण में एफआइआर होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। मेडिकल प्रशासन के हस्तक्षेप पर जूडॉ ने इस शर्त पर हड़ताल न करने का आश्वासन दिया है कि उनके खिलाफ एफआइआर नहीं होनी चाहिए।

मेडिकल में मरीज राजकुमार की मौत को लेकर डेथ ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। इससे पता चलेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।
- डॉ. प्रदीप कसार, डीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल

Published on:
11 Aug 2020 02:26 pm
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