e-KYC : बैंकों और अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर अब प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कपनियां भी उपभोक्ताओं की जानकारी ई-केवायसी के माध्यम से लेंगी।
e-KYC : बैंकों और अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर अब प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कपनियां भी उपभोक्ताओं की जानकारी ई-केवायसी के माध्यम से लेंगी। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी उपभोक्ता ई-केवायसी करा सकेंगे। माना जा रहा है कि आगामी समय में शासन की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में जमा होगी।
प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में 24 हजार 420 करोड़ आठ लाख रुपए की सब्सिडी प्रस्तावित की गई है। इसमें अटल गृह ज्योति योजना के तहत एक करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना के तहत 26 लाख 59 हजार और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय के लिए नौ लाख तीन हजार कृषि उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जाएगी। शेष राशि टैरिफ सब्सिडी के उपभोक्ताओं को दी जाएगी।
उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराने के लिए आधार कार्ड और समग्र आइडी देना होगा। जो उपभोक्ता एमपी ऑनलाइन या बिजली कपनी के दतर नहीं जा पा रहे हैं, उनके यहां सर्वेयर पहुंचकर जानकारी जुटाएंगे।
वर्तमान में प्रदेश शासन की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी विद्युत वितरण कपनियों के खाते में जमा की जाती है। इसलिए उपभोक्ता को यह जानकारी नहीं होती कि उसने कितने रुपए की बिजली का उपयोग किया और उसे कितनी सब्सिडी प्रदेश शासन से मिली।
e-KYC : प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं का ई-केवायसी कराया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए है। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।