अलविदा जुमा को उठे दुआ के हाथ
जबलपुर, रमजान मुबारक में शुक्रवार अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। मस्जिदों में ५-७ नमाजियों ने ही इबादत की। जबकि अन्य रोजेदारों ने अपने-अपने घरों में नमाज अदा किया। नमाज के दौरान कोरोना महामारी से हिफाजत के लिए दुआ के हाथ उठे। वहीं तमाम पाबंदियों के बीच ईद की तैयारियां भी पूरी की गई। रमजान के २९ वें रोजा शनिवार शाम ईद का चांद नजर आने की उम्मीद है। चांद का दीदार हुआ तो खुशियों का दौर शुरू हो जाएगा।
रमजान के २८ वें रोजा अलविदा जुमा को रोजेदारों ने सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए घरों में नमाज अदा किया। वहीं एक दिन बाद ही आने वालईद के इस्तकबाल की तैयारियां की गई। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार बहोराबाग में रात में लगने वाली बाजार नहीं लगी। विदेश एवं देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले इत्र, टोपियां, कपड़े की बजाए किरानों की दुकानों में उपलब्ध सामानों से ही सब्र करना पड़ा। सामान्य तौर पर सेवाइयां ही मिल पा रही है। जबकि, कुछ घरों में सेवाइयां और दूधफेनी बनाई भी गई है।
मुफ्ती-ए-आजम का पैगाम
मुफ्ती-ए-आजम मप्र मौलाना मोहम्मद हामिद अहमद सिद्दीकी के अनुसार रमजान में मुसलमानों ने सब्र का इम्तिहान पास किया। रोजेदारों ने जिस प्रकार मस्जिद में नमाज की बजाए अपने घर में इबादत की। उसी प्रकार ईद में भी अल्लाह तआला की इबादत करें। जकात और फितर के फर्ज से जरूरतमंदों की मदद करें।पड़ोसियों से गले मिलने की बजाए अपनों के लिए दिल से दुआ करें।