
जबलपुर। शहर में नकली नोटों का धंधा एक बार फिर शुरू हो गया है। हाल ही में पुलिस ने दो मामले पकड़े। इनमें एक नकली नोट बनाने वाला गिरोह था, तो दूसरा वो जो नकली नोट चलाने शहर आया था। इसके खुलासे के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। जानकारों की मानें तो शहर में बड़ी मात्रा में नकली नोट खपाए जाने की आशंका है। नकली नोट बनाने वाले अधिकतर गिरोह छोटे नोट बनाते हैं। नकदी लेन-देन में छोटे नोटों का अधिक प्रचलन और इन्हें खपाने में आसानी के चलते पांच रुपए से लेकर पांच सौ रुपए तक के नकली नोट बाजार में धड़ल्ले से चला दिए जाते हैं।
हाल ही में उजागर हुए दो मामले: कम मूल्य के नोटों पर ज्यादा फोकस
अन्य प्रदेशों पर नजर
दो मामले पकड़े जाने के बाद पुलिस की विभिन्न टीमें खुफिया तरीके से जांच में जुट गई है। पता लगाया जा रहा है कि आखिरकार शहर में नकली नोटों की खेप कहां से आ रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस की कुछ टीमें इस मामले की जांच के लिए प्रदेश के अन्य शहरों समेत अन्य प्रदेशों के लिए भी रवाना की गई हैं।
इन नकली नोटों की डिमांड अधिक
- पांच रुपए, दस रुपए, पचास रुपए, सौ रुपए और पांच सौ रुपए यहां से चलता है नकली नोटों का खेल
- नेपाल के विभिन्न शहरों से देश में आते हैं नकली नोट
- बंग्लादेश बार्डर के मालदा में नकली नोटों की बड़ी मंड़ी है।
- राजस्थान के भरतपुर स्थित ग्राम अजान में नकली नोट बनाए जाते हैं।
नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। नकली नोट चलाने आए लोग पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। गोपनीय रूप से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, जो इस प्रकार के फर्जीवाड़े में शामिल हैं।
- सिद्धार्थ बहुगुणा, पुलिस अधीक्षक