-कोतवाली थाने में दर्ज हुई है रिपोर्ट
जबलपुर. अच्छी खासी केंद्रीय सर्विस की नौकरी, फिर भी लोभ है कि जाता नही। ऐसे लोगों की धनलोलुपता का आलम यह कि घर में ही तिकड़कम रचने लगते हैं। ऐसे में किसी के सब्र का बांध कभी तो टूटेगा ही। ऐसा ही कुछ हुआ इस युवा लोभी रेलकर्मी के साथ। अब कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
मामला है एक लोभी रेलकर्मी पति का जिसकी शादी अभी बमुश्किल साल भर पहले हुई थी। लेकिन वह कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा धन अर्जित करने के चक्कर में फंस गया। और कुछ नहीं मिला तो अपने पिता, बहन और बहनोई संग मिल कर पत्नी को प्रताड़ित करने लगा। इससे भी बात नहीं बनी तो पत्नी संग मारपीट पर उतारू हो गया। पत्नी सब सहती रही। लेकिन जब लोभी पति ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया तो उसके सब्र का बांध टूट गया और उसने कोतवाली थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमें में पति संग ससुर, ननद व नंदोई को भी आरोपी बनाया है।
बताया जा रहा है कि सराफा निवासी डाली सोनी की शादी 2020 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निवासी पारस सोनी से हुई थी। पारस रेलवे में नौकरी करता है और वर्तमान में ओड़िशा में तैनात है। डाली के मुताबिक दहेज में उसके पिता ने दो लाख रुपए और जेवर सहित गृहस्थी का पूरा सामान दिया था। बावजूद इसके शादी के कुछ समय बाद ही पति और ससुराल के अन्य सदस्य कम दहेज मिलने का उलाहना देते हुए प्रताड़ित करने लगे।
डाली के मुताबिक पति पारस, ससुर किशनलाल, ननद रेखा और नंदोई रमाकांत उसे मायके से 15 लाख रुपए लाने का दबाव डालने लगे। इस मांग को लेकर वह अक्सर ही प्रताड़ित करने लगे। वह जब भी मायके की आर्थिक स्थित का हवाला देती तो वे मारपीट करते। घर में आए दिन की किचकिच से बचने के लिए पारस, डाली को लेकर ओड़िशा चल तो गया, लेकिन वहां भी मारपीट व प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। महीने भर पहले पति पारस ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। अब डाली मायके में है।