FoodCluster जबलपुर में फूड क्लस्टर के लिए जगह की तलाश, 40 एकड़ जमीन मांगी
जबलपुर . पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग ने निवेश के लिए नई राह खोल दी है। नए निवेशक इस संस्कारधानी व आसपास हरित संपदा और उपजों को प्रोसेस करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जबलपुर में फूड क्लस्टर की प्रक्रिया एक बार फिर तेेज हो गई है। निवेशकों के अलावा फार्मर प्रोडयूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) की तरफ से रुचि दिखाए जाने से उद्योग विभाग ने प्रशासन से 40 एकड़ भूमि मांगी है। इसमें पाटन व शहपुरा को प्रमुखता दी गई है।
उद्यमीऔर एफपीओ दिखा रहे रुचि: नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
कच्चा माल भरपूर
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने यूं तो सभी तहसीलों के तहसीलदारों को पत्र लिखकर फूड क्लस्टर के लिए भूमि मांगी है, लेकिन प्राथमिकता पाटन और शहपुरा को दी जा रही है। इसकी वजह यह है कि यहां पर इन इंडस्ट्री के लिए कच्चा माल भरपूर मात्रा में मिल सकता है। यह दोनों ही क्षेत्र गेहूं और धान के अलावा मटर के व्यापक उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। यहां मौसमी सब्जी और फलों का उत्पादन भी खूब होता है। इन दोनों क्षेत्रों से हाइवे निकलते हैं। अभी रिंग रोड भी बन रही है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा संभावनाएं
जानकारी के अनुसार मैदा मिल, आटा मिल, धान मिल, दुग्ध उत्पाद, मटर के उत्पाद, सिंघाड़ा आटा, मक्खन और घी का निर्माण, चना और मुरमुरा की भुनाई, बेसन, धनिया पावडर, बिस्किट, नमकीन, मिठाइयां, बेकरी, चॉकलेट, कोदो और कुटकी की पैकिंग व मिठाइयां, मक्का के उत्पाद में संभावना है।
खास-खास
85 करोड़ रुपए का निवेश आया
हाल में मप्र इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कारपोरेशन ने 10 नए उद्यमियों को अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में जगह आवंटित की है, उसमें सबसे ज्यादा निवेश वाले क्षेत्र में फूड इंडस्ट्री शामिल हैं। इनमें 85 करोड़ रुपए का नया निवेश आ रहा है। तो 300 लोगों को रोजगार मिलने की उमीद है। ऐसी और कंपनियां यहां आना चाहती हैं। लेकिन जगह का अभाव है। इसलिए उद्योग विभाग फूड क्लस्टर बनाना चाहता है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाओं के मामले में जबलपुर अग्रणी जिलों में शामिल है। इसलिए निवेशक अपना निवेश इस क्षेत्र में करना चाहते हैं। इसबात को ध्यान रखकर यहां पर फूड क्लस्टर की स्थापना की जानी है। प्रशासन के जरिए 30 से 40 एकड़ जमीन मांगी गई है। इसमें पाटन और शहपुरा को प्रमुखता दी है।