शहर के प्रमुख अस्पतालों के बाहर हम रोजाना जो भोजन वितरण करते हैं वह पूरी तरह सात्विक होता है। घर जैसा सादा, पौष्टिक और स्वच्छ।
Free Food: संस्कारधानी में मानवता की मिसाल पेश कर रही संघवी सेवा समिति पिछले 1& वर्षों से जिला एवं मेडिकल अस्पताल के आसपास जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों की सेवा में जुटी है। समिति द्वारा जहां मात्र 5 रुपए में भरपेट सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं ठंड के मौसम में 1 रुपए प्रति रात के नाममात्र शुल्क पर तकिया और कंबल दिए जा रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सेवा का यह सिलसिला लगातार जारी है।
Free Food: समिति के सदस्य पंकज संघवी ने बताया शहर के प्रमुख अस्पतालों के बाहर हम रोजाना जो भोजन वितरण करते हैं वह पूरी तरह सात्विक होता है। घर जैसा सादा, पौष्टिक और स्व‘छ। चूंकि कई परिवार दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जहां महंगे भोजन और रहने की व्यवस्था उनके लिए संभव नहीं होती। ऐसे में 5 रुपए में मिलने वाला भरपेट भोजन उनके लिए संबल बनता है।
संघवी ने बताया ठंड के दिनों में रातें और भी कठिन हो जाती हैं। इसे देखते हुए समिति ने 1 रुपए में कंबल और तकिया देने की व्यवस्था शुरू की है। यह राशि लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि सेवा की कद्र बनाए रखने के लिए ली जाती है। सदस्यों के अनुसार पूरी तरह मुफ्त सेवा में कई बार लोग वस्तुओं का महत्व नहीं समझते। मामूली राशि लेने से जिम्मेदारी और सम्मान बना रहता है।
संघवी सेवा समिति द्वारा वैसे तो पूरे साल अ‘छा भोजन परोसा जाता है, लेकिन तीज-त्यौहारों के अवसर पर विशेष पकवान भी थाली में दिए जाते हैं। पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी समेत अन्य मुख्य त्यौहारों व पर्वों पर रोजाना की चार रोटी, सब्जी, दाल-चावल के साथ पुलाव, खीर, मिठाई, पूड़ी आदि दी जाती है।